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जलशक्ति इंप्लॉयज एंड वर्कर एसोसिएशन की एक बैठक
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उधमपुर। जल शक्ति कर्मचारी एवं कार्यकर्ता संगठन की एक बैठक जिला प्रधान और नेशनल पैंथर्स पार्टी ट्रेड यूनियन के प्रदेश उपप्रधान सोमनाथ खजूरिया की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
बैठक में उपप्रधान ने कहा कि कर्मचारियों की लंबित मांगे पूरी न किए जाने के कारण उन्हें आर्थिक तंगी व परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि, संबंधित विभाग व सरकार इन कर्मचारियों के बकाया वेतन का भुगतान, नियमितीकरण नीति व न्यूनतम मानदेय निर्धारित न करने जैसी समस्याओं को हल करने की बजाय अनदेखी कर रही है।
उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के सामने भी कर्मचारियों की मांगों को उजागर किया गया है। आश्वासन दिया गया था कि डीडीसी चुनाव के बाद उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। चुनाव संपन्न होने के बाद भी अब तक समाधान नहीं हो पाया है। उनकी मांग है कि उपराज्यपाल जल्द स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप कर कर्मचारियों की सभी लंबित मांगों को पूरा करें।
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उन्होंने कहा कि विभाग के उच्च अधिकारियों सहित सरकार पहले से ही इन कर्मचारियों के प्रति उपेक्षा का रवैया अपनाए हुए है। जिसके लिए संगठन उनकी कड़ी निंदा करता है। साथ ही उपराज्यपाल से मांग है कि पीएचई कर्मचारियों का बकाया वेतन को जल्द जारी किया जाए। सीपीआई, आईटीआई, लैंड मामलों से संबंधित कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू कर उन्हें जल्द नियमित किया जाए। सभी अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करें।
उसके बाद विभाग में नई भर्ती की योजना बनाएं। साथ ही सभी कर्मचारियों को प्रदेश की तर्ज पर भत्ते दिए जाएं। विभाग में स्टाफ की कमी को दूर किया जाए। डीपीसी को डिवीजन स्तर व प्रोविजनल स्तर पर गठित किया जाए। अगर जल्द ही मांगें पूरी न की गईं तो वह उग्र आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगे। बैठक में विजय कुमार, सूरज प्रकाश, मक्खन चंद, कृष्ण चंद, करन सिंह, प्रेम नाथ व अन्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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बैठक में उपप्रधान ने कहा कि कर्मचारियों की लंबित मांगे पूरी न किए जाने के कारण उन्हें आर्थिक तंगी व परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि, संबंधित विभाग व सरकार इन कर्मचारियों के बकाया वेतन का भुगतान, नियमितीकरण नीति व न्यूनतम मानदेय निर्धारित न करने जैसी समस्याओं को हल करने की बजाय अनदेखी कर रही है।
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उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के सामने भी कर्मचारियों की मांगों को उजागर किया गया है। आश्वासन दिया गया था कि डीडीसी चुनाव के बाद उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। चुनाव संपन्न होने के बाद भी अब तक समाधान नहीं हो पाया है। उनकी मांग है कि उपराज्यपाल जल्द स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप कर कर्मचारियों की सभी लंबित मांगों को पूरा करें।
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उन्होंने कहा कि विभाग के उच्च अधिकारियों सहित सरकार पहले से ही इन कर्मचारियों के प्रति उपेक्षा का रवैया अपनाए हुए है। जिसके लिए संगठन उनकी कड़ी निंदा करता है। साथ ही उपराज्यपाल से मांग है कि पीएचई कर्मचारियों का बकाया वेतन को जल्द जारी किया जाए। सीपीआई, आईटीआई, लैंड मामलों से संबंधित कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू कर उन्हें जल्द नियमित किया जाए। सभी अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करें।
उसके बाद विभाग में नई भर्ती की योजना बनाएं। साथ ही सभी कर्मचारियों को प्रदेश की तर्ज पर भत्ते दिए जाएं। विभाग में स्टाफ की कमी को दूर किया जाए। डीपीसी को डिवीजन स्तर व प्रोविजनल स्तर पर गठित किया जाए। अगर जल्द ही मांगें पूरी न की गईं तो वह उग्र आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगे। बैठक में विजय कुमार, सूरज प्रकाश, मक्खन चंद, कृष्ण चंद, करन सिंह, प्रेम नाथ व अन्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे।