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शीतला माता के मंदिर में लगी रही श्रद्धालुओं की भीड़
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जम्मू। डोडा की तहसील चिराला के रेवश्राधार में नवरात्र में शीतला माता के दरबार में हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। सौ साल पहले की तरह माता के दरबार में भक्तों का तांता लगा रहा।
प्रदेश के डोडा, भद्रवाह, चिराला, भलैंसा ठाठरी समेत कई क्षेत्रों से भक्त माता के दर्शन करने पहुंचे। भद्रवाह, चिंता और चिराला वासियों ने इस दौरान लंगरों का भी आयोजन किया। रात भर माता का जागरण चला। भद्रवाह कस्बे से तकरीबन 43 किलोमीटर दूर वन में स्थित माता के भवन में दर्शन के लिए भक्त रात से चलना शुरू करते हैं।
स्थानीयों के अनुसार रेवश्राधार में भक्तों के लिए लंगरों की उचित व्यवस्था की गई थी। लेकिन, जलापूर्ति और सड़क न होने की वजह से भक्तों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। युवा मुकेेश मन्हास ने बताया पहले नवरात्र से ही माता के दरबार में भक्तों की भीड़ लगनी शुरू हो जाती है।
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कई साल पहले आतंकवादियों ने जलाया था मंदिर
जिस भवन को आतंकवादियों ने जलाया था, वह फिर से आस्था का केंद्र बन गया है। पहले की बजाय अब यात्रियों की संख्या भी बढ़ चुकी है। रेवश्राधार के वन क्षेत्रों में आतंकवादी यात्रियों पर गोलियां बरसाते थे। कई साल पहले यात्रियों की जानें भी गई हैं। अब यात्रियों की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन नवरात्र शुरू होने से पहले सुरक्षा चौकस करता है। स्थानीय युवाओं ने सरकार से मांग की है कि माता के मंदिर के पास जलापूर्ति, धर्मशाला और सड़क निर्माण की सुविधाएं पहुंचाई जाएं। ताकि, यहां भक्तों व पर्यटकों के लिए आसानी हो सके।
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प्रदेश के डोडा, भद्रवाह, चिराला, भलैंसा ठाठरी समेत कई क्षेत्रों से भक्त माता के दर्शन करने पहुंचे। भद्रवाह, चिंता और चिराला वासियों ने इस दौरान लंगरों का भी आयोजन किया। रात भर माता का जागरण चला। भद्रवाह कस्बे से तकरीबन 43 किलोमीटर दूर वन में स्थित माता के भवन में दर्शन के लिए भक्त रात से चलना शुरू करते हैं।
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स्थानीयों के अनुसार रेवश्राधार में भक्तों के लिए लंगरों की उचित व्यवस्था की गई थी। लेकिन, जलापूर्ति और सड़क न होने की वजह से भक्तों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। युवा मुकेेश मन्हास ने बताया पहले नवरात्र से ही माता के दरबार में भक्तों की भीड़ लगनी शुरू हो जाती है।
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कई साल पहले आतंकवादियों ने जलाया था मंदिर
जिस भवन को आतंकवादियों ने जलाया था, वह फिर से आस्था का केंद्र बन गया है। पहले की बजाय अब यात्रियों की संख्या भी बढ़ चुकी है। रेवश्राधार के वन क्षेत्रों में आतंकवादी यात्रियों पर गोलियां बरसाते थे। कई साल पहले यात्रियों की जानें भी गई हैं। अब यात्रियों की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन नवरात्र शुरू होने से पहले सुरक्षा चौकस करता है। स्थानीय युवाओं ने सरकार से मांग की है कि माता के मंदिर के पास जलापूर्ति, धर्मशाला और सड़क निर्माण की सुविधाएं पहुंचाई जाएं। ताकि, यहां भक्तों व पर्यटकों के लिए आसानी हो सके।

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