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Udhampur News: क्रिचमी और सनियोत कूल की जल्द होगी मरम्मत, सिंचाई व्यवस्था होगी सुदृढ़
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उधमपुर। जिले में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से क्रिमची कूल (1400 मीटर) और सनियोत कूल (810 मीटर) की मरम्मत व पुनर्स्थापन कार्य शीघ्र शुरू होगा। इस संबंध में सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने टेंडर प्रक्रिया आरंभ कर दी है। अधिकारियों के अनुसार परियोजना पर 39.98 लाख रुपये की लागत आएगी और इसे जिले की स्थायी कूल पुनर्स्थापन योजना के अंतर्गत पूरा किया जाएगा।
किसानों ने विभाग की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि वे लंबे समय से कूलों की मरम्मत की मांग कर रहे थे। पिछले वर्ष अगस्त और सितंबर में हुई भारी वर्षा के कारण कूलों की स्थिति और अधिक खराब हो गई थी जिससे सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई।
बंसी लाल, अशोक कुमार, रतन लाल और काली दास सहित अन्य लोगों ने बताया कि कूलों की जर्जर हालत के कारण खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए निजी साधनों का सहारा लेना पड़ता था जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा था। पानी की अनियमित आपूर्ति के कारण फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।
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उन्होंने उम्मीद जताई कि कूलों की मरम्मत के बाद पानी का प्रवाह सुचारु होगा तथा रिसाव की समस्या समाप्त होने से पानी की बर्बादी भी रुकेगी। इससे किसानों को समय पर पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध हो सकेगा और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।
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स्थायी बहाली कार्यक्रम के तहत कूलों की मरम्मत कार्य को लेकर टेंडर जारी कर दिया है और प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम जल्द खत्म किया जाएगा। अन्य सभी खराब पड़ी सिंचाई संरचनाओं को भी चरणबद्ध तरीके से दुरुस्त किया जाना है।
- गिरधारी लाल, एक्सईएन, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण
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किसानों ने विभाग की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि वे लंबे समय से कूलों की मरम्मत की मांग कर रहे थे। पिछले वर्ष अगस्त और सितंबर में हुई भारी वर्षा के कारण कूलों की स्थिति और अधिक खराब हो गई थी जिससे सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई।
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बंसी लाल, अशोक कुमार, रतन लाल और काली दास सहित अन्य लोगों ने बताया कि कूलों की जर्जर हालत के कारण खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए निजी साधनों का सहारा लेना पड़ता था जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा था। पानी की अनियमित आपूर्ति के कारण फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।
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उन्होंने उम्मीद जताई कि कूलों की मरम्मत के बाद पानी का प्रवाह सुचारु होगा तथा रिसाव की समस्या समाप्त होने से पानी की बर्बादी भी रुकेगी। इससे किसानों को समय पर पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध हो सकेगा और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।
स्थायी बहाली कार्यक्रम के तहत कूलों की मरम्मत कार्य को लेकर टेंडर जारी कर दिया है और प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम जल्द खत्म किया जाएगा। अन्य सभी खराब पड़ी सिंचाई संरचनाओं को भी चरणबद्ध तरीके से दुरुस्त किया जाना है।
- गिरधारी लाल, एक्सईएन, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण