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Udhampur News: वैष्णो देवी यात्रा और बैटरी कार सेवा बहाल, श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए बढ़ते रहे
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कटड़ा। धर्मनगरी सहित मां वैष्णो देवी के भवन में खराब मौसम और बारिश के कारण बुधवार रात करीब आठ बजे अस्थायी रूप से स्थगित की गई यात्रा वीरवार सुबह फिर से सुचारू कर दी गई। साथ ही बैटरी कार सेवा भी बहाल कर दी गई। यात्रा बहाल होते ही पंजीकरण करवाने वाले श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दौड़ गई और वे जयकारे लगाते हुए भवन की ओर रवाना होते रहे। वीरवार 20 अगस्त को शाम 6 बजे तक करीब 14 हजार 500 श्रद्धालु पंजीकरण करवाकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे और श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी था।
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने बुधवार को खराब मौसम के बीच नए ताराकोट मार्ग पर भारी भूस्खलन होने के कारण श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया था। श्राइन बोर्ड ने रात में ही मशीनरी लगाकर भूस्खलन क्षेत्र से भारी चट्टानों और मलबे को हटाने का काम शुरू कर दिया। मार्ग की पूरी तरह सफाई और सुरक्षा जांच के बाद इसे श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए खोल दिया गया।
वहीं, बैटरी कार मार्ग की भी सफाई और सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद वीरवार को बैटरी कार सेवा भी बहाल कर दी गई। इससे ऑनलाइन बुकिंग करवा चुके श्रद्धालुओं को सुविधा मिली। हालांकि पैदल यात्रियों के लिए इस मार्ग को फिलहाल बंद रखा गया है। मां वैष्णो देवी के पारंपरिक मार्ग से यात्रा पूरी तरह सुचारू रही। कटड़ा से भवन के लिए हेलिकाॅप्टर सेवा वीरवार सुबह कुछ समय तक उपलब्ध रही लेकिन त्रिकुटा पर्वत पर बादलों का जमघट बढ़ने के कारण इसे बाद में स्थगित करना पड़ा।
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दूसरी ओर पारंपरिक मार्ग पर घोड़ा-पिट्ठू और पालकी सेवाएं लगातार उपलब्ध रहीं। मां वैष्णो देवी के दिव्य दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को भवन से भैरव घाटी तक रोपवे सेवा भी उपलब्ध रही। इससे श्रद्धालु बाबा भैरवनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते रहे। वीरवार को मौसम में सुधार देखने को मिला। सुबह कुछ देर हल्की बारिश हुई, जबकि इसके बाद दिनभर बारिश नहीं हुई। हालांकि आसमान में बादल छाए रहे और त्रिकुटा पर्वत पर भी बादलों का जमघट बना रहा। ठंडी हवाओं के बीच श्रद्धालु उत्साह और श्रद्धा के साथ मां के जयकारे लगाते हुए यात्रा करते रहे। श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुविधाजनक बनी रहे, इसके लिए यात्रा मार्ग पर आपदा प्रबंधन दल, श्राइन बोर्ड प्रशासन, पुलिस विभाग और सीआरपीएफ के अधिकारी व जवान तैनात रहे। विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के साथ यात्रा मार्ग की स्थिति पर लगातार नजर रखी गई।
श्राइन बोर्ड के इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर से भी यात्रा की लगातार निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं को मौसम और यात्रा मार्ग की स्थिति को देखते हुए सतर्कता बरतने तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।
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श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने बुधवार को खराब मौसम के बीच नए ताराकोट मार्ग पर भारी भूस्खलन होने के कारण श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया था। श्राइन बोर्ड ने रात में ही मशीनरी लगाकर भूस्खलन क्षेत्र से भारी चट्टानों और मलबे को हटाने का काम शुरू कर दिया। मार्ग की पूरी तरह सफाई और सुरक्षा जांच के बाद इसे श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए खोल दिया गया।
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वहीं, बैटरी कार मार्ग की भी सफाई और सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद वीरवार को बैटरी कार सेवा भी बहाल कर दी गई। इससे ऑनलाइन बुकिंग करवा चुके श्रद्धालुओं को सुविधा मिली। हालांकि पैदल यात्रियों के लिए इस मार्ग को फिलहाल बंद रखा गया है। मां वैष्णो देवी के पारंपरिक मार्ग से यात्रा पूरी तरह सुचारू रही। कटड़ा से भवन के लिए हेलिकाॅप्टर सेवा वीरवार सुबह कुछ समय तक उपलब्ध रही लेकिन त्रिकुटा पर्वत पर बादलों का जमघट बढ़ने के कारण इसे बाद में स्थगित करना पड़ा।
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दूसरी ओर पारंपरिक मार्ग पर घोड़ा-पिट्ठू और पालकी सेवाएं लगातार उपलब्ध रहीं। मां वैष्णो देवी के दिव्य दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को भवन से भैरव घाटी तक रोपवे सेवा भी उपलब्ध रही। इससे श्रद्धालु बाबा भैरवनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते रहे। वीरवार को मौसम में सुधार देखने को मिला। सुबह कुछ देर हल्की बारिश हुई, जबकि इसके बाद दिनभर बारिश नहीं हुई। हालांकि आसमान में बादल छाए रहे और त्रिकुटा पर्वत पर भी बादलों का जमघट बना रहा। ठंडी हवाओं के बीच श्रद्धालु उत्साह और श्रद्धा के साथ मां के जयकारे लगाते हुए यात्रा करते रहे। श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुविधाजनक बनी रहे, इसके लिए यात्रा मार्ग पर आपदा प्रबंधन दल, श्राइन बोर्ड प्रशासन, पुलिस विभाग और सीआरपीएफ के अधिकारी व जवान तैनात रहे। विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के साथ यात्रा मार्ग की स्थिति पर लगातार नजर रखी गई।
श्राइन बोर्ड के इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर से भी यात्रा की लगातार निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं को मौसम और यात्रा मार्ग की स्थिति को देखते हुए सतर्कता बरतने तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।