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Udhampur News: पेड़ों से तार बांधकर घरों में हो रही बिजली आपूर्ति
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उधमपुर। ब्लॉक घोरड़ी की लाड़ पंचायत में बिजली विभाग तारों को पेड़ों से बांधकर घरों में बिजली आपूर्ति कर रहा है। खराब मौसम होने व तेज हवा चलने पर बिजली की तार पेड़ से नीचे लटक जाने व जमीन पर गिर जाने से कई घंटों तक आपूर्ति बाधित रहती है। इससे गांववासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां के लोग कई बार विभाग के अधिकारियों से नए बिजली के खंभे लगवाने की मांग कर चुके है, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहा है।
पूर्व सरपंच मदन लाल शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में बिजली के खंभों की कमी के चलते विभाग की ओर से तारों को पेड़ों से बांधकर घरों में बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इसके चलते कई मवेशी करंट की चपेट में आने से घायल होने के साथ-साथ जान भी गवा चुके हैं। बताया कि पिछले दो साल से बिजली विभाग की ओर से 185 करोड़ की एक रिवेमप डिस्ट्रब्यूशन सिस्टम स्कीम (आरडीएसएस) आई थी। इसमें जिले में बिजली के खंभे, तार, नए ट्रांसफार्मर लगाए जाने थे, लेकिन टेंडर प्रकिया न होने के चलते आज तक स्कीम शुरू नहीं हो पाई। इससे आज तक क्षेत्र में बिजली की तार पेड़ों से बांधी गई है। खराब मौसम होने व तेज हवा चलने पर तार टूट कर जमीन पर गिर जाती है और कई दिनों तक आपूर्ति बहाल नहीं हो पाती है। इससे लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ती है। उनके क्षेत्र में तकरीबन 50 से अधिक बिजली के खंभों की जरूरत है। ताकि पेड़ों से बांधी गई बिजली की तारों से लोगों को छुटकारा मिलने के साथ ही माल मवेशी भी बच सके।
विभाग की ओर से जिले में बिजली के नए खंभे, तार, नए ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए आईआरडीएसएस स्कीम को शुरू करने के लिए टेंडर प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही जिले में निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। इस स्कीम के तहत जिले के जिन क्षेत्रों में खंभे नहीं लगे हैं उन क्षेत्रों में भी नए खंभे लगाए जाएंगे।
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-सुनील दत्त पंडोह, एक्सइएन बिजली विभाग
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पूर्व सरपंच मदन लाल शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में बिजली के खंभों की कमी के चलते विभाग की ओर से तारों को पेड़ों से बांधकर घरों में बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इसके चलते कई मवेशी करंट की चपेट में आने से घायल होने के साथ-साथ जान भी गवा चुके हैं। बताया कि पिछले दो साल से बिजली विभाग की ओर से 185 करोड़ की एक रिवेमप डिस्ट्रब्यूशन सिस्टम स्कीम (आरडीएसएस) आई थी। इसमें जिले में बिजली के खंभे, तार, नए ट्रांसफार्मर लगाए जाने थे, लेकिन टेंडर प्रकिया न होने के चलते आज तक स्कीम शुरू नहीं हो पाई। इससे आज तक क्षेत्र में बिजली की तार पेड़ों से बांधी गई है। खराब मौसम होने व तेज हवा चलने पर तार टूट कर जमीन पर गिर जाती है और कई दिनों तक आपूर्ति बहाल नहीं हो पाती है। इससे लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ती है। उनके क्षेत्र में तकरीबन 50 से अधिक बिजली के खंभों की जरूरत है। ताकि पेड़ों से बांधी गई बिजली की तारों से लोगों को छुटकारा मिलने के साथ ही माल मवेशी भी बच सके।
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विभाग की ओर से जिले में बिजली के नए खंभे, तार, नए ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए आईआरडीएसएस स्कीम को शुरू करने के लिए टेंडर प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही जिले में निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। इस स्कीम के तहत जिले के जिन क्षेत्रों में खंभे नहीं लगे हैं उन क्षेत्रों में भी नए खंभे लगाए जाएंगे।
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-सुनील दत्त पंडोह, एक्सइएन बिजली विभाग