फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Udhampur News ›   jammu kashmir news

Udhampur News: जलती चिता तक पहुंचा देविका का पानी

विज्ञापन
jammu kashmir news
उधमपुर। बुधवार दोपहर हुई करीब एक घंटे की तेज बारिश ने देविका किनारे स्थित शहर के मुख्य श्मशान घाट की सुरक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी। बारिश के बाद देविका का जलस्तर बढ़ा और नदी का पानी श्मशान घाट में घुस आया। उस समय अंतिम संस्कार चल रहा था। पानी जलती चिता तक पहुंच गया और चिता के आसपास से होकर बहने लगा। तेज बहाव के बीच चिता और पार्थिव शरीर के बह जाने का खतरा पैदा हो गया। इससे अंतिम संस्कार में शामिल लोगों की चिंता बढ़ गई।
विज्ञापन

कुछ समय के लिए स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि लोगों के सामने अंतिम संस्कार पूरा करने के साथ-साथ जलती चिता को देविका के बहाव से बचाने की चुनौती खड़ी हो गई। यदि पानी का स्तर कुछ और बढ़ता तो चिता के बह जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था। बारिश थमने से राहत मिल पाई।
विज्ञापन



देविका का बढ़ता जलस्तर श्मशान घाट के लिए खतरा बनने की यह पहली घटना नहीं है। वर्ष 2021 में भी तेज बारिश के बाद देविका नदी में आए उफान के दौरान अंतिम संस्कार के समय दो अधजली चिताएं पानी में बह गई थीं। उस घटना के बाद श्मशान घाट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे थे और सुरक्षा उपाय किए गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

हालांकि बुधवार को हुई घटना ने एक बार फिर इन सुरक्षा इंतजामों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश के दौरान अंतिम संस्कार करने वाले लोगों को अब भी नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण खतरे का सामना करना पड़ रहा है।

हालांकि कुछ माह पहले देविका घाट पर प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त हुए श्मशान घाट के पुनर्निर्माण के लिए प्रशासन ने 127.27 लाख रुपये की मंजूरी दी है और जमीनी स्तर पर भी इसका काम शुरू किया गया है। इस परियोजना के तहत घाट की संरचना को मजबूत बनाने, आवश्यक सुविधाओं के विकास तथा सुरक्षा उपायों को बेहतर करने का काम किया जाना प्रस्तावित है।


फिलहाल बुधवार की घटना के बाद शहरवासियों ने बारिश के दौरान श्मशान घाट में अंतिम संस्कार की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। राजेश शर्मा, सुनील गुप्ता, मनोज वर्मा, राजकुमार व अन्य का कहना है कि देविका का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में घाट पर मौजूद लोगों और चिताओं की सुरक्षा के लिए ठोस और स्थायी इंतजाम किए जाने चाहिए जिससे तेज बारिश या देविका में अचानक जलस्तर बढ़ने के दौरान अंतिम संस्कार की प्रक्रिया सुरक्षित तरीके से पूरी हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed