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Udhampur News: इमारत का हुआ जीर्णोद्धार, नहीं खुला जच्चा-बच्चा अस्पताल
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रियासी। शहर के मुख्य बाजार में बनी पुराने अस्पताल की इमारत में जच्चा-बच्चा अस्पताल शुरू होने का काम रुका हुआ है। पिछले दस वर्षों से स्थानीय लोग इसके खुलने का इंतजार कर रहे हैं ताकि लोगों को खास कर महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधित उचित व्यवस्था मिल सके। अस्पताल नहीं खुलने से लोगों में निराशा है।
भाजपा नेता सुदेश पंडोत्रा ने कहा कि प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह जिला मुख्यालय के मुख्य बाजार में बनी अस्पताल की पुरानी इमारत में जल्द जल्द से जच्चा बच्चा अस्पताल खोले जाने की मंजूरी दे। इमारत पर लाखों रुपए खर्च किए गए हैं, स्टाफ की भी घोषणा की गई थी। विधायक को भी इस विषय पर विधानसभा में उठाना चाहिए। लोगों को स्वास्थ्य संबंधित सुविधाएं मिलनी चाहिएं। अस्पताल खुलने के बाद इसका फायदा रियासी नगर के लोगों के अलावा आसपास स्थित सात पंचायतों के लोगों को भी मिलेगा।
कोट
जच्चा-बच्चा अस्पताल बनाने की मंजूरी पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सैयद ने दी थी। उसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इमारत का जीर्णोद्धार करने के लिए 80 लाख रुपये जारी किए थे। 32 सदस्यीय स्टाफ की भी घोषणा की थी। सरकार गिरने के बाद काम अटका हुआ है। मौजूदा एलजी प्रशासन व सरकार को चाहिए कि वह सरकारी संपदा पर खर्च किए गए लाखों रुपयों का फायदा लोगों को अस्पताल शुरू कर दें।
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-बंसी लाल ठाकुर, पीडीपी नेता
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अस्पताल शुरू करवाने के लिए वह कई बार स्वास्थ्य विभाग के चीफ सचिव व निदेशक हेल्थ और कई अधिकारियों से मिले। गठित जिला विकास कमेटी की तरफ से अस्पताल खोले जाने के कई प्रयास किए गए जोकि निरर्थक रहे हैं। सरकार व प्रशासन को इसकी तरफ ध्यान देकर इसे शुरू करना चाहिए।
-रवि शर्मा, स्थानीय दुकानदार
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भाजपा नेता सुदेश पंडोत्रा ने कहा कि प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह जिला मुख्यालय के मुख्य बाजार में बनी अस्पताल की पुरानी इमारत में जल्द जल्द से जच्चा बच्चा अस्पताल खोले जाने की मंजूरी दे। इमारत पर लाखों रुपए खर्च किए गए हैं, स्टाफ की भी घोषणा की गई थी। विधायक को भी इस विषय पर विधानसभा में उठाना चाहिए। लोगों को स्वास्थ्य संबंधित सुविधाएं मिलनी चाहिएं। अस्पताल खुलने के बाद इसका फायदा रियासी नगर के लोगों के अलावा आसपास स्थित सात पंचायतों के लोगों को भी मिलेगा।
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कोट
जच्चा-बच्चा अस्पताल बनाने की मंजूरी पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सैयद ने दी थी। उसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इमारत का जीर्णोद्धार करने के लिए 80 लाख रुपये जारी किए थे। 32 सदस्यीय स्टाफ की भी घोषणा की थी। सरकार गिरने के बाद काम अटका हुआ है। मौजूदा एलजी प्रशासन व सरकार को चाहिए कि वह सरकारी संपदा पर खर्च किए गए लाखों रुपयों का फायदा लोगों को अस्पताल शुरू कर दें।
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-बंसी लाल ठाकुर, पीडीपी नेता
अस्पताल शुरू करवाने के लिए वह कई बार स्वास्थ्य विभाग के चीफ सचिव व निदेशक हेल्थ और कई अधिकारियों से मिले। गठित जिला विकास कमेटी की तरफ से अस्पताल खोले जाने के कई प्रयास किए गए जोकि निरर्थक रहे हैं। सरकार व प्रशासन को इसकी तरफ ध्यान देकर इसे शुरू करना चाहिए।
-रवि शर्मा, स्थानीय दुकानदार