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खोदाई में निकले शिवलिंग व अवशेष की 15 दिन बाद भी नहीं हुई जांच
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उधमपुर/मजालता। खून कस्बे के अंतर्गत पंचायत नक्की बालपुर के गांव मोड़ा सोरथा में 15 दिन पहले मिले प्राचीन शिवलिंग और मंदिर के अवशेष की जांच के लिए पुरातत्व विभाग की टीम अभी तक नहीं पहुंची है। विभाग ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर जल्द जांच करवाने का आश्वासन दिया है। तब तक किसी को भी खोदाई के दौरान निकली चीजों को हाथ न लगाने की सलाह दी है।
यह स्थान लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। कई जिलों से इसे देखने लोग पहुंच रहे हैं, लेकिन अंदर जाने की अनुमति नहीं है। तहसील प्रशासन ने रस्सी लगाकर प्रवेश पर रोक लगा दी है। धार रोड नक्की से करीब दो किलोमीटर दूर मोड़ा सोरथा में पंचायत ने 16 जनवरी को तालाब बनाने के लिए खोदाई की थी। इस दौरान एक शिवलिंग, मंदिर के पत्थर और कई प्राचीन आकृतियां मिलीं। इसके बारे में तहसील प्रशासन को जानकारी दी गई। तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण कर इन चीजों की पुरातत्व विभाग से जांच करवाने का आश्वासन दिया। तहसीलदार ने इसकी जानकारी डीसी इंदु कंवल चिब को दी। डीसी ने पत्र लिखकर पुरातत्व विभाग को निरीक्षण करने की अपील की है। कुछ दिन पहले पुरातत्व विभाग ने इसका जवाब प्रशासन को भेजा, जिसमें लिखा गया कि जल्द ही टीम मौके का निरीक्षण करेगी। लेकिन तब तक इस स्थान को पूरी तरह से सुरक्षित रखा जाए।
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अभी तक पुरातत्व विभाग ने मौके का निरीक्षण नहीं किया है। लेकिन विभाग ने आश्वासन दिया है कि जल्द निरीक्षण किया जाएगा। इसकी जांच कर पता लगाया जाएगा कि अवशेष कितने पुराने हैं। तब तक मंदिर की सुरक्षा तहसील प्रशासन कर रहा है। लोगों को अंदर नहीं जाने के निर्देश दिए गए हैं।
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- उत्तम सिंह पालसर, तहसीलदार, मजालता
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यह स्थान लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। कई जिलों से इसे देखने लोग पहुंच रहे हैं, लेकिन अंदर जाने की अनुमति नहीं है। तहसील प्रशासन ने रस्सी लगाकर प्रवेश पर रोक लगा दी है। धार रोड नक्की से करीब दो किलोमीटर दूर मोड़ा सोरथा में पंचायत ने 16 जनवरी को तालाब बनाने के लिए खोदाई की थी। इस दौरान एक शिवलिंग, मंदिर के पत्थर और कई प्राचीन आकृतियां मिलीं। इसके बारे में तहसील प्रशासन को जानकारी दी गई। तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण कर इन चीजों की पुरातत्व विभाग से जांच करवाने का आश्वासन दिया। तहसीलदार ने इसकी जानकारी डीसी इंदु कंवल चिब को दी। डीसी ने पत्र लिखकर पुरातत्व विभाग को निरीक्षण करने की अपील की है। कुछ दिन पहले पुरातत्व विभाग ने इसका जवाब प्रशासन को भेजा, जिसमें लिखा गया कि जल्द ही टीम मौके का निरीक्षण करेगी। लेकिन तब तक इस स्थान को पूरी तरह से सुरक्षित रखा जाए।
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अभी तक पुरातत्व विभाग ने मौके का निरीक्षण नहीं किया है। लेकिन विभाग ने आश्वासन दिया है कि जल्द निरीक्षण किया जाएगा। इसकी जांच कर पता लगाया जाएगा कि अवशेष कितने पुराने हैं। तब तक मंदिर की सुरक्षा तहसील प्रशासन कर रहा है। लोगों को अंदर नहीं जाने के निर्देश दिए गए हैं।
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- उत्तम सिंह पालसर, तहसीलदार, मजालता