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उत्तरी कमान ने मनाया इंफेट्ररी दिवस, मातृभुमि की रक्षा के लिए शहीद हुए सैनिकों को दी श्रद्धांजलि
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उधमपुर। सेना के उत्तरी कमान मुख्यालय ने बुधवार को 75वां इन्फैंट्री दिवस मनाया। इस अवसर पर मुख्यालय के टाइगर हिल गेट के ध्रुव युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इसमें उत्तरी कमान मुख्यालय के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एस हरिमोहन अय्यर ने पारंपरिक माल्यार्पण कर देश की अखंडता व सुरक्षा के लिए अपना बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि इन्फैंट्री दिवस 27 अक्तूबर 1947 को सेना की ओर से जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तानी आक्रमण को विफल करने के लिए शुरू किए गए अभियानों की याद में मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि 1947 में जब जम्मू कश्मीर में कबालियों ने हमला किया था, तब यहां के महाराजा हरि सिंह ने भारतीय सेना को सहायता के लिए बुलाया। जिसके बाद 27 अक्तूबर 1947 को भारतीय सेना ने जम्मू कश्मीर से कबालियों को खदेड़ने का अभियान शुरू किया। जिसे हर साल सेना इन्फैंट्री दिवस के रूप में मनाती है।
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इस अवसर पर उन्होंने कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हुए अपने कर्तव्य के प्रति समर्पण की भावना रखने वाले जवानों के जज्बे को सलाम किया। साथ ही राष्ट्र की अखंडता की रक्षा के लिए उनके योगदान और बलिदान को नमन किया, और आतंकवाद से लड़ने के लिए दृढ़ संकल्प को दोहराया।
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इसमें उत्तरी कमान मुख्यालय के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एस हरिमोहन अय्यर ने पारंपरिक माल्यार्पण कर देश की अखंडता व सुरक्षा के लिए अपना बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि इन्फैंट्री दिवस 27 अक्तूबर 1947 को सेना की ओर से जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तानी आक्रमण को विफल करने के लिए शुरू किए गए अभियानों की याद में मनाया जाता है।
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उन्होंने कहा कि 1947 में जब जम्मू कश्मीर में कबालियों ने हमला किया था, तब यहां के महाराजा हरि सिंह ने भारतीय सेना को सहायता के लिए बुलाया। जिसके बाद 27 अक्तूबर 1947 को भारतीय सेना ने जम्मू कश्मीर से कबालियों को खदेड़ने का अभियान शुरू किया। जिसे हर साल सेना इन्फैंट्री दिवस के रूप में मनाती है।
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इस अवसर पर उन्होंने कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हुए अपने कर्तव्य के प्रति समर्पण की भावना रखने वाले जवानों के जज्बे को सलाम किया। साथ ही राष्ट्र की अखंडता की रक्षा के लिए उनके योगदान और बलिदान को नमन किया, और आतंकवाद से लड़ने के लिए दृढ़ संकल्प को दोहराया।