इंतकाम लेने को बहुगुणा की पिच पर हरीश रावत कर रहे 'बैटिंग'
कांग्रेस ने उत्तराखंड की वीआईपी विधानसभा सीट सितारगंज से अगले विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंक दिया है।
कांग्रेस के अग्रज नेता पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने पूर्व सीएम व सितारगंज विधायक विजय बहुगुणा के विधानसभा क्षेत्र से अपने लोकतंत्र बचाओ अभियान की शुरुआत की, जिसमें राज्यभर के दिग्गज कांग्रेसी और सरकार में मंत्री रहे विधायक शामिल रहे। इन दिग्गजों ने शक्ति प्रदर्शन कर विपक्षियों और बागी विधायकों को अपनी ताकत का एहसास कराया। पदयात्रा पर निकले रावत काफी गदगद नजर आए।
राज्य गठन के बाद 2002 में पहला विधानसभा चुनाव हुआ। 70 सीटों वाले इस प्रदेश में सितारगंज की सीट पर बसपा के कंडीडेट रहे पूर्व विधायक नारायण पाल दो बार विधायक रहे। दस साल तक विपक्ष का विधायक रहने के कारण ये विधानसभा विकास से कोसों दूर रही। 2012 में भाजपा ने बंगाली समुदाय प्रत्याशी के रूप में किरन चंद्र मंडल को मैदान में उतारा।
मंडल ने चुनाव जीतने के बाद मई 2012 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया और फिर विजय बहुगुणा यहां से विधायक बने। जिसके बाद से सितारगंज विधानसभा सीट वीवीआईपी सीट बन गई और प्रदेश की राजनीति में इस सीट का ओहदा भी ऊंचा हो गया। 31 जनवरी 2014 को कांग्रेस हाईकमान के आदेश पर बहुगुणा ने इस्तीफा दे दिया।
सबक सिखाने के लिए बहुगुणा की सीट को ही पहले टारगेट किया
18 मार्च को बजट सत्र में पूर्व सीएम व सितारगंज विधायक बहुगुणा समेत नौ विधायकों के बगावत करने से औंधे मुंह गिरी कांग्रेस सरकार ने बागियों और भाजपा को सबक सिखाने के लिए बहुगुणा की सीट को ही पहले टारगेट किया है। शनिवार को पूर्व सीएम रावत के सितारगंज आने से पहले भाजपा, भाजयुमो कार्यकर्ता और बहुगुणा खेमे ने विरोध प्रदर्शन कर उनकी पदयात्रा को रोकने का प्रयास किया। रावत का हेलीकॉप्टर जब राइंका मैदान में उतरा तो कांग्रेसी भी पीछे नहीं रहे और उन्होंने जोश के साथ रावत का स्वागत किया और पदयात्रा निकाल कर ताकत का एहसास कराया।
सितारगंज से पूर्व सीएम रावत की लोकतंत्र बचाओ पद यात्रा की शुरुआत होने के साथ ही 2017 के विधानसभा चुनाव का एक तरह से आगाज हो गया है। न्याय संवाद में हरीश रावत ने अपनी तकलीफ बयां की तो वहीं, यशपाल आर्य ने भी विपक्षियों के खिलाफ तीखे तेवर दिखाए। पूर्व विधायक किरन चंद्र मंडल, नारायण पाल, सुरेश गंगवार, श्याम प्रसाद विश्वास व हाजी अनवार अहमद ने अपने समर्थकों के साथ रावत को कांग्रेस के क्षेत्र में मजबूत रहने का संदेश दिया। सुरेश गंगवार के समर्थकों ने तो रावत को जीआईसी हेलीपैड से ही घेर लिया और ढोल नगाड़ों की थाप पर पदयात्रा में नारे लगाते रहे।
पूरा नगर होर्डिंग्स से पाट दिया था। जगह-जगह प्याऊ के स्टाल लगाए गए थे। सितारगंज से कुमाऊं में शुरु लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा में जय बद्री जय केदार, अबकी बार रावत सरकार के नारे गूंज रहे थे। कार्यकर्ताओं में बेहद उत्साह था। जिसे देखकर माना जा रहा है कि रावत ने सरकार में मचे घमासान को शांत करने के साथ ही चुनाव की भी तैयारी शुरु कर दी है।