{"_id":"683621bb1fe725e9440f97a6","slug":"fishes-dead-udhampur-news-c-202-1-sjam1015-123603-2025-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udhampur News: वार्ड एक के पीर बाबा तालाब में मृत मिलीं मछलियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udhampur News: वार्ड एक के पीर बाबा तालाब में मृत मिलीं मछलियां
विज्ञापन
जखैनी के पीर बाबा तालाब में मरी मछलियां।
- मत्सय पालन विभाग की टीम पहुंची, मरने का कारण आक्सीजन की कमी को बताया
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। बरेड़ियां के बिरमा-दुद्धर संगम नाले के बाद अब शहर के वार्ड नंबर एक के जखैनी चौक के पास मौजूद प्राचीन पीर बाबा तालाब में मछलियों के मरने की घटना सामने आई है। इससे क्षेत्र के लोग चिंतित हैं।
स्थानीय निवासी संजय शर्मा, अंकित शर्मा व अन्य ने बताया कि यह तालाब सौ साल से भी अधिक पुराना है। इससे लोगों की धार्मिक आस्था भी जुड़ी हुई है। तालाब में काफी संख्या में मछलियां मरी पड़ी हैं। इन्हें कुत्ते उठाकर गलियों में घूम रहे हैं। इससे क्षेत्र में बदबू फैल गई है। तालाब के रखरखाव पर भी लंबे समय से ध्यान नहीं दिया गया। कुछ समय पहले ही इसके विकास के लिए फंड भी मंजूर हुआ है, बावजूद इसके अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया। वहीं, प्रशासन की तालाब के प्रति उदासीनता के चलते अब मछलियां मर रही हैं।
वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे मत्सय पालन विभाग के अधिकारियों ने भी हालात को जायजा लिया। विभाग के अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि यह मामला दुद्धर नाले में मछलियों की मौत से पूरी तरह से अलग है। सालों पुराने इस तालाब में सिल्ट और गंदगी अधिक हो चुकी है। गर्मी बढ़ने के साथ ही तालाब का पानी भी कम होकर एक फुट तक रह गया है। इससे मछलियों को पर्याप्त रूप से आक्सीजन नहीं मिल पा रही है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि तीन साल पहले भी इसी तरीके से मछलियां मरी थीं। विभाग की टीम ने मरी हुईं मछलियों को तालाब से निकाल कर नष्ट कर दिया। तालाब के किनारों पर चूना वगैरह डालकर स्वच्छता को बढ़ाने का प्रयास किया गया। आसपास के लोगों को हिदायत दी गई है कि मछलियों को आटा वगैरह न डालें। तालाब में पानी का स्तर बढ़ाने का भी प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। बरेड़ियां के बिरमा-दुद्धर संगम नाले के बाद अब शहर के वार्ड नंबर एक के जखैनी चौक के पास मौजूद प्राचीन पीर बाबा तालाब में मछलियों के मरने की घटना सामने आई है। इससे क्षेत्र के लोग चिंतित हैं।
स्थानीय निवासी संजय शर्मा, अंकित शर्मा व अन्य ने बताया कि यह तालाब सौ साल से भी अधिक पुराना है। इससे लोगों की धार्मिक आस्था भी जुड़ी हुई है। तालाब में काफी संख्या में मछलियां मरी पड़ी हैं। इन्हें कुत्ते उठाकर गलियों में घूम रहे हैं। इससे क्षेत्र में बदबू फैल गई है। तालाब के रखरखाव पर भी लंबे समय से ध्यान नहीं दिया गया। कुछ समय पहले ही इसके विकास के लिए फंड भी मंजूर हुआ है, बावजूद इसके अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया। वहीं, प्रशासन की तालाब के प्रति उदासीनता के चलते अब मछलियां मर रही हैं।
विज्ञापन
वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे मत्सय पालन विभाग के अधिकारियों ने भी हालात को जायजा लिया। विभाग के अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि यह मामला दुद्धर नाले में मछलियों की मौत से पूरी तरह से अलग है। सालों पुराने इस तालाब में सिल्ट और गंदगी अधिक हो चुकी है। गर्मी बढ़ने के साथ ही तालाब का पानी भी कम होकर एक फुट तक रह गया है। इससे मछलियों को पर्याप्त रूप से आक्सीजन नहीं मिल पा रही है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि तीन साल पहले भी इसी तरीके से मछलियां मरी थीं। विभाग की टीम ने मरी हुईं मछलियों को तालाब से निकाल कर नष्ट कर दिया। तालाब के किनारों पर चूना वगैरह डालकर स्वच्छता को बढ़ाने का प्रयास किया गया। आसपास के लोगों को हिदायत दी गई है कि मछलियों को आटा वगैरह न डालें। तालाब में पानी का स्तर बढ़ाने का भी प्रयास किया जा रहा है।