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किसानों ने कोकून से कमाए चार करोड़
ब्यूरो/अमर उजाला,उध्ामपुर
Updated Mon, 25 Jul 2016 11:27 PM IST
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कोकून
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अगर मेहनत की जाए तो किसी भी क्षेत्र में अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। सेरिकल्चर विभाग में लगी कोकून मंडी में किसानों विशेषकर महिला किसानों ने रेशम के लिए कोकून तैयार कर तीन करोड़ 99 लाख, 46 हजार 435 रुपये 35 पैसे कमाए हैं।
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उधमपुर के सेरिकल्चर विभाग में जिला स्तर पर लगने वाली कोकून मंडी में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से किसान कोकून बेचने के लिए आते हैं। इसमें विभाग उनकी पूरी मदद करता है। किसानों द्वारा तैयार कोकून को राष्ट्रीय स्तर पर खरीदार मुहैया कराए जाते हैं ताकि किसानों को अच्छी कीमत मिल सके। एक माह तक चलने वाली इस मंडी में पांच हजार से अधिक किसानों ने 56 हजार 178 किलो 33 ग्राम कोकून व्यापारियों को बेचा है। इन किसानों में 3464 पुरुष किसान और 1521 महिला किसान शामिल हैं।
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पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष किसानों को कोकून के अच्छे दाम मिले हैं। इससे किसानों के चेहरे खिले नजर आ रहे हैं। ग्रेट वन कोकून की कीमत 911 रुपये प्रति किलोग्राम रही। कम स्तर वाले कोकून की कीमत 510 रुपये प्रति किलोग्राम तक रही। कोकून की औसत कीमत 711 रुपये रही है।
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मंडी में कोकून बेचने आने वाले किसानों में पचास प्रतिशत के करीब महिला किसान हैं। यह महिलाएं घर का कामकाज करने के साथ ही कोकून बेचने के लिए मंडी में आती हैं। कोकून के दाम को लेकर व्यापारियों से पूरी बात करने के साथ कोकून के दाम के उतार चढ़ाव पर वह पूरी नजर रखती हैं। हालांकि, पिछले वर्ष कोकून के अच्छे दाम नहीं मिलने पर महिला किसान मायूस जरूर हुईं, लेकिन इस बार अच्छी मेहनत कर महिला किसानों ने कोकून के अच्छे दाम पाए हैं।
उधमपुर। ग्रामीण क्षेत्रों से सेरिकल्चर विभाग में पहुंचने वाले किसानों को कोकून बेचने के बाद पैसों के लिए कई घंटों तक इंतजार करना पड़ता था। कई बार तो किसान पैसे लेने के लिए होटलों में भी रुकते थे। इसके कारण महिला किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन इस बार कोकून की खरीदारी से लेकर लेनदारी को आनलाइन किए जाने से किसानों को काफी राहत मिली है।
किसान कोकून बेच देते हैं। इसकी सारी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद विभागीय अधिकारी किसानों को घर जाने के लिए कह देते थे। इसके दो या तीन दिन बाद किसानों के बैंक खाते में कोकून के पैसे पहुंच जाते हैं। इस कार्यप्रणाली का सबसे ज्यादा लाभ महिला किसानों को मिला है।