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पानी के प्रबंध के लिए लोग फिर रहे दरबदर
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उधमपुर: वार्ड नंबर 3 में ईदगाह से पानी भरते हुए लोग.
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। लंबित मांगों को लेकर जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल का दूसरे दिन व्यापक असर देखने मिला। इसके चलते नगर के विभिन्न इलाकों में लगातार दूसरे दिन जलापूर्ति नहीं हुई। लोगों को पेयजल प्रबंध के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ी।
शहर की आंबेडकर कॉलोनी, वार्ड 5, वार्ड 17, वार्ड 7, संगूर, सैलां तालाब, भारत नगर, जखैनी, आदर्श कॉलोनी सहित शहर के अधिकतर इलाकों में इसका सबसे अधिक असर देखने को मिला। क्षेत्रवासी पानी के प्रबंध के लिए दिन भर आसपास के प्राकृतिक जलाशयों से पानी ढोने को मजबूर रहे। इसके चलते शहर के आसपास स्थित बावलियों पर भी दिन भर लोगों की भीड़ लगी रही।
लोगों का कहना था कि कर्मचारियों की हड़ताल का खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ता है। दो दिन से जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिसके कारण लोगों को पानी नहीं मिल पा रही है। भीषण गर्मी में जहां एक दिन भी बिना पानी के गुजारना मुश्किल है, वहां अब सरकार की लापरवाही के कारण लोग दो दिन से पानी नहीं मिला। पानी के प्रबंध के लिए महिलाओं को बावलियों से पानी ढोना पड़ रहा है। इसके बावजूद घर में बर्तन मांजने तक के लिए पानी पूरा नहीं हो रहा।
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उन्होंने कहा कि सरकार न तो विभाग के कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान दे रही है, और न इनकी हड़ताल से जनता को हो रही परेशानी की सुध ले रही है। इसलिए, सरकार व प्रशासन से अपील है कि इस तरह की स्थिति पैदा होने पर लोगों के घरों में पानी पहुंचाने के लिए पहले से जरूरी विकल्प तैयार रखे। ताकि, आम जनता को बार-बार हड़ताल की वजह से परेशानी न उठानी पड़े।
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शहर की आंबेडकर कॉलोनी, वार्ड 5, वार्ड 17, वार्ड 7, संगूर, सैलां तालाब, भारत नगर, जखैनी, आदर्श कॉलोनी सहित शहर के अधिकतर इलाकों में इसका सबसे अधिक असर देखने को मिला। क्षेत्रवासी पानी के प्रबंध के लिए दिन भर आसपास के प्राकृतिक जलाशयों से पानी ढोने को मजबूर रहे। इसके चलते शहर के आसपास स्थित बावलियों पर भी दिन भर लोगों की भीड़ लगी रही।
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लोगों का कहना था कि कर्मचारियों की हड़ताल का खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ता है। दो दिन से जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिसके कारण लोगों को पानी नहीं मिल पा रही है। भीषण गर्मी में जहां एक दिन भी बिना पानी के गुजारना मुश्किल है, वहां अब सरकार की लापरवाही के कारण लोग दो दिन से पानी नहीं मिला। पानी के प्रबंध के लिए महिलाओं को बावलियों से पानी ढोना पड़ रहा है। इसके बावजूद घर में बर्तन मांजने तक के लिए पानी पूरा नहीं हो रहा।
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उन्होंने कहा कि सरकार न तो विभाग के कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान दे रही है, और न इनकी हड़ताल से जनता को हो रही परेशानी की सुध ले रही है। इसलिए, सरकार व प्रशासन से अपील है कि इस तरह की स्थिति पैदा होने पर लोगों के घरों में पानी पहुंचाने के लिए पहले से जरूरी विकल्प तैयार रखे। ताकि, आम जनता को बार-बार हड़ताल की वजह से परेशानी न उठानी पड़े।