{"_id":"6240abfc73712d58e5375134","slug":"development-udhampur-news-jmu2565943177","type":"story","status":"publish","title_hn":"पट्ठी गांव का सरकारी स्कूल व सड़कें बदहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पट्ठी गांव का सरकारी स्कूल व सड़कें बदहाल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उधमपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुमित मगोत्रा ने रविवार को पट्ठी पंचैरी व कैंथगली इलाके का दौरा कर जनसमस्याओं का जायजा लिया। इस दौरान क्षेत्रवासियों ने उन्हें इलाके की जरूरतों व समस्याओं से अवगत करवाते हुए इनके समाधान की मांग की।
लोगों ने बताया कि मनरेगा के तहत लगाई गई दिहाड़ियों की पूरी मजदूरी उन्हें अभी तक नहीं दी गई है। अधिकतर लोगों को तीन सौ दिहाड़ियों की एवज में केवल पांच हजार रुपये मिले हैं। बाकी मजदूरी के पैसे चार वर्षों से अटके हैं। इसके अलावा लोगों ने क्षेत्र की खस्ताहाल सड़क तथा स्कूलों में शिक्षकों की कमी जैसी समस्याओं को लेकर भी रोष जताया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जिला मुख्यालय से मात्र 30 किलोमीटर दूर पट्ठी गांव के एससी मोहल्ले के सरकारी मिडिल स्कूल में केवल तीन कमरे और तीन शिक्षक हैं। इसमें लगभग 90 बच्चे पढ़ने आते हैं। एक कमरे में तीन अलग-अलग कक्षाओं को एक साथ पढ़ाया जा रहा है, जो छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़ा करने वाला हैं। बहुत शर्म की बात है कि गांव के गरीब बच्चों को भेड़-बकरी की तरह कमरों में ठूंसकर बिठाया जा रहा है, और आठ कक्षाओं को पढ़ाने के लिए मात्र तीन शिक्षक तैनात हैं।
विज्ञापन
मगोत्रा ने कहा कि बेहद दु:ख की बात है कि जिला मुख्यालय से इतनी कम दूरी पर आज भी लोग सड़क व स्कूल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए सरकार व प्रशासन के आगे गिड़गिड़ाने पर मजबूर हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि वह शिक्षकों की कमी और सड़क की हालत को ठीक करने के लिए जल्द ही संबंधित विभागों के अधिकारियों से मुलाकात कर समाधान का प्रयास करेंगे।
विज्ञापन
लोगों ने बताया कि मनरेगा के तहत लगाई गई दिहाड़ियों की पूरी मजदूरी उन्हें अभी तक नहीं दी गई है। अधिकतर लोगों को तीन सौ दिहाड़ियों की एवज में केवल पांच हजार रुपये मिले हैं। बाकी मजदूरी के पैसे चार वर्षों से अटके हैं। इसके अलावा लोगों ने क्षेत्र की खस्ताहाल सड़क तथा स्कूलों में शिक्षकों की कमी जैसी समस्याओं को लेकर भी रोष जताया।
विज्ञापन
कांग्रेस नेता ने कहा कि जिला मुख्यालय से मात्र 30 किलोमीटर दूर पट्ठी गांव के एससी मोहल्ले के सरकारी मिडिल स्कूल में केवल तीन कमरे और तीन शिक्षक हैं। इसमें लगभग 90 बच्चे पढ़ने आते हैं। एक कमरे में तीन अलग-अलग कक्षाओं को एक साथ पढ़ाया जा रहा है, जो छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़ा करने वाला हैं। बहुत शर्म की बात है कि गांव के गरीब बच्चों को भेड़-बकरी की तरह कमरों में ठूंसकर बिठाया जा रहा है, और आठ कक्षाओं को पढ़ाने के लिए मात्र तीन शिक्षक तैनात हैं।
विज्ञापन
मगोत्रा ने कहा कि बेहद दु:ख की बात है कि जिला मुख्यालय से इतनी कम दूरी पर आज भी लोग सड़क व स्कूल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए सरकार व प्रशासन के आगे गिड़गिड़ाने पर मजबूर हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि वह शिक्षकों की कमी और सड़क की हालत को ठीक करने के लिए जल्द ही संबंधित विभागों के अधिकारियों से मुलाकात कर समाधान का प्रयास करेंगे।