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काली माता मंदिर मार्ग का क्षतिग्रस्त पुल तीन महीने बाद भी ज्यों का त्यों
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उधमपुर: काली माता का पुल जल्द बनाया जाए पुजारी छतिग्रस्त पुल दिखाते हुए.
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। शहर में टी मोड़ इलाके पर स्थित प्रसिद्ध काली माता मंदिर मार्ग पर क्षतिग्रस्त हुआ पुल तीन महीने के बाद भी नहीं बन सका है। मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को हर रोज परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मंदिर के प्रबंधकों का कहना है कि इसके बारे में कई बार प्रशासन के अधिकारियों को सूचना दी गई है। इसके बावजूद किसी ने पुल के निर्माण को लेकर प्रयास नहीं किया। उनकी मांग है कि नवरात्र को ध्यान में रखते हुए पुल का निर्माण किया जाए। करीब तीन महीने पहले बारिश के दौरान काली माता मंदिर मार्ग पर तैयार पुल मलबे में तब्दील हो गया था। स्थानीय लोगों और मंदिर के प्रबंधकों ने इसके बारे में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप कर जानकारी दी थी, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
मंदिर की पुजारिन राजेश्वरी देवी ने बताया कि मंदिर में हर रोज सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। लेकिन, पुल को क्षतिग्रस्त हालत में देख कर कुछ वापस लौट जाते हैं, और कुछ दो किलोमीटर लंबे रास्ते से मंदिर पहुंचते हैं। इसके कारण लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। पुल के क्षतिग्रस्त होने पर स्थानीय निवासी भी परेशान हैं। कुछ सप्ताह के बाद नवरात्र शुरू हो जाएंगे और मंदिर में हजारों श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचेंगे। लेकिन, पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण श्रद्धालुओं को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इसलिए, जिला प्रशासन से अपील है कि पुल का निर्माण कर हजारों श्रद्धालुओं को राहत दे।
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मंदिर के प्रबंधकों का कहना है कि इसके बारे में कई बार प्रशासन के अधिकारियों को सूचना दी गई है। इसके बावजूद किसी ने पुल के निर्माण को लेकर प्रयास नहीं किया। उनकी मांग है कि नवरात्र को ध्यान में रखते हुए पुल का निर्माण किया जाए। करीब तीन महीने पहले बारिश के दौरान काली माता मंदिर मार्ग पर तैयार पुल मलबे में तब्दील हो गया था। स्थानीय लोगों और मंदिर के प्रबंधकों ने इसके बारे में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप कर जानकारी दी थी, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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मंदिर की पुजारिन राजेश्वरी देवी ने बताया कि मंदिर में हर रोज सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। लेकिन, पुल को क्षतिग्रस्त हालत में देख कर कुछ वापस लौट जाते हैं, और कुछ दो किलोमीटर लंबे रास्ते से मंदिर पहुंचते हैं। इसके कारण लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। पुल के क्षतिग्रस्त होने पर स्थानीय निवासी भी परेशान हैं। कुछ सप्ताह के बाद नवरात्र शुरू हो जाएंगे और मंदिर में हजारों श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचेंगे। लेकिन, पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण श्रद्धालुओं को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इसलिए, जिला प्रशासन से अपील है कि पुल का निर्माण कर हजारों श्रद्धालुओं को राहत दे।
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