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देविका के पर्यटन मानचित्र पर अपने की बनी संभावना
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उधमपुर में देविका नदी के तट पर किए गए सौंदर्यकरण का रात का नजारा
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। देविका नदी के तटों का सौंदर्यीकरण होने के बाद अब देविका को पर्यटन मानचित्र पर स्थान मिलने की उम्मीद है। इसके तट का सौंदर्यीकरण का काम काफी हद तक पूरा हो गया है, और यह लोगों को आकर्षित भी कर रहा है।
देश के विभिन्न हिस्सों में आध्यात्मिक ज्ञान रखने वाले लोगों को पता है देविका नदी गंगा नदी की बड़ी बहन है। लेकिन, आज तक बहुत कम लोग यह जान पाए हैं कि देविका नदी जम्मू-कश्मीर के उधमपुर शहर से होकर गुजर रही है, जहां नदी के तट पर प्राचीन मंदिर भी मौजूद हैं। इसी को लेकर देविका नगर के लोगों ने कई बार राज्य व केंद्र सरकार से देविका को पर्यटन मानचित्र पर लाने की मांग की थी। लेकिन, आज तक इस मांग को पूरा नहीं किया गया।
फरवरी 2017 में केंद्र सरकार ने 187 करोड़ के देविका संरक्षण प्रोजेक्ट को मंजूरी दी, तब देश में देविका नदी को पहचान मिली। मौजूदा समय में करीब 10 करोड़ रुपये में देविका के तट का सौंदर्यीकरण किया गया है। देविका घाट पर कई ऐसी चीजें तैयार की गई हैं, जो पर्यटकों को खूब आकर्षित करेंगी। शहरवासियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में देविका को पर्यटन मानचित्र पर स्थान मिलेगा और देश विदेश से पर्यटक इनको देखने के लिए पहुंचेंगे।
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देविका नदी के तट पर किए गए विकास कार्य
नदी के तट पर ओपन एयर थियेटर बना दिया गया है। साथ ही देविका घाट पर सामुदायिक केंद्र और नए शौचालय बनाए गए हैं। इसी तरह आठ छतरियां और एक यज्ञशाला बना दी गई है। प्रार्थना हॉल, लंगर हॉल, दफ्तर परिसर भी बन चुके हैं। सौंदर्यीकरण के लिए डोगरा हेरिटेज की प्रतिमाएं लगाई गई हैं, और संस्कार घाट का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
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राजमार्ग के साथ बह रही है देविका नदी
पर्यटकों की सोच के अनुसार ही देविका नदी के तट पर कई प्राचीन मंदिर स्थित हैं, जहां करीब तीन सौ वर्षों से बैसाखी का मेला भी लगाया जाता है। उधमपुर शहर से होकर गुजर रही पवित्र देविका नदी राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे के साथ ही बह रही है। इसलिए, पर्यटकों के लिए यहां पहुंचना बहुत आसान है।
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देश के विभिन्न हिस्सों में आध्यात्मिक ज्ञान रखने वाले लोगों को पता है देविका नदी गंगा नदी की बड़ी बहन है। लेकिन, आज तक बहुत कम लोग यह जान पाए हैं कि देविका नदी जम्मू-कश्मीर के उधमपुर शहर से होकर गुजर रही है, जहां नदी के तट पर प्राचीन मंदिर भी मौजूद हैं। इसी को लेकर देविका नगर के लोगों ने कई बार राज्य व केंद्र सरकार से देविका को पर्यटन मानचित्र पर लाने की मांग की थी। लेकिन, आज तक इस मांग को पूरा नहीं किया गया।
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फरवरी 2017 में केंद्र सरकार ने 187 करोड़ के देविका संरक्षण प्रोजेक्ट को मंजूरी दी, तब देश में देविका नदी को पहचान मिली। मौजूदा समय में करीब 10 करोड़ रुपये में देविका के तट का सौंदर्यीकरण किया गया है। देविका घाट पर कई ऐसी चीजें तैयार की गई हैं, जो पर्यटकों को खूब आकर्षित करेंगी। शहरवासियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में देविका को पर्यटन मानचित्र पर स्थान मिलेगा और देश विदेश से पर्यटक इनको देखने के लिए पहुंचेंगे।
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देविका नदी के तट पर किए गए विकास कार्य
नदी के तट पर ओपन एयर थियेटर बना दिया गया है। साथ ही देविका घाट पर सामुदायिक केंद्र और नए शौचालय बनाए गए हैं। इसी तरह आठ छतरियां और एक यज्ञशाला बना दी गई है। प्रार्थना हॉल, लंगर हॉल, दफ्तर परिसर भी बन चुके हैं। सौंदर्यीकरण के लिए डोगरा हेरिटेज की प्रतिमाएं लगाई गई हैं, और संस्कार घाट का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
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राजमार्ग के साथ बह रही है देविका नदी
पर्यटकों की सोच के अनुसार ही देविका नदी के तट पर कई प्राचीन मंदिर स्थित हैं, जहां करीब तीन सौ वर्षों से बैसाखी का मेला भी लगाया जाता है। उधमपुर शहर से होकर गुजर रही पवित्र देविका नदी राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे के साथ ही बह रही है। इसलिए, पर्यटकों के लिए यहां पहुंचना बहुत आसान है।

उधमपुर में देविका परियोजना के तहत किया गया सौंदर्यकरण का काम- फोटो : UDHAMPUR