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रामनगर सीट आरक्षित होने से पूर्व प्रत्याशियों की बढ़ीं मुश्किलें
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उधमपुर। परिसीमन आयोग की रिपोर्ट में रामनगर विधानसभा क्षेत्र को अनुसूचित जाति के प्रत्याशियों के लिए आरक्षित किए जाने के बाद उधमपुर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस विस से चुनाव लड़ने वाले पूर्व प्रत्याशियों को अब दूसरे विस क्षेत्र में चुनाव लड़ना पड़ेगा।
कुछ नेताओं को इसका पहले ही अंदेशा हो गया था, इसलिए वह पहले ही दूसरे विस क्षेत्र में जाकर सभाएं करने लगे थे। परिसीमन आयोग की रिपोर्ट पेश होने के बाद पंचैरी-मोंगरी और मजालता तहसील में चल रहे विवाद को तो शांत कर दिया। लेकिन, रामनगर विस क्षेत्र को आरक्षित किए जाने से कई बड़े नेताओं की चिंताएं बढ़ गई हैं। इस सीट पर पैंथर्स पार्टी और भाजपा का दबदबा है। 2014 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए आरएस पठानिया ने तीन बार विधायक रहे पैंथर्स पार्टी के अध्यक्ष हर्ष देव सिंह को पराजित कर दिया था।
वहीं, उधमपुर सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार पवन गुप्ता भी पैंथर्स पार्टी से दो बार विधायक रहे बलवंत सिंह मनकोटिया को पराजित कर पहली बार विधायक बने थे। लेकिन, परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के बाद किस सीट से कौन चुनाव लड़ सकता है, यह साफ नहीं है। रामनगर सीट अनुसूचित जाति के प्रत्याशियों के लिए आरक्षित होने के बाद अब हर्ष देव सिंह और आरएस पठानिया का रामनगर से चुनाव लड़ना संभव नहीं।
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हर्ष देव सिंह को शायद इसका पहले ही अंदेशा हो गया था, इसलिए वह पिछले कुछ महीनों से लगातार पंचैरी व चिनैनी तहसील के दौरे कर सभाएं कर रहे हैं। वहीं, पूर्व विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया पैंथर्स पार्टी के छोड़ने के बाद पंचैरी के लगातार दौरे कर सभाओं का आयोजन कर रहे हैं। पूर्व विधायक पवन गुप्ता भाजपा में शामिल होने के बाद अभी किसी इलाके में दौरे करते नजर नहीं आए हैं। रामनगर सीट के लिए अब भाजपा व पैंथर्स पार्टी जल्द ही नए चेहरे सामने ला सकती है।
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कुछ नेताओं को इसका पहले ही अंदेशा हो गया था, इसलिए वह पहले ही दूसरे विस क्षेत्र में जाकर सभाएं करने लगे थे। परिसीमन आयोग की रिपोर्ट पेश होने के बाद पंचैरी-मोंगरी और मजालता तहसील में चल रहे विवाद को तो शांत कर दिया। लेकिन, रामनगर विस क्षेत्र को आरक्षित किए जाने से कई बड़े नेताओं की चिंताएं बढ़ गई हैं। इस सीट पर पैंथर्स पार्टी और भाजपा का दबदबा है। 2014 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए आरएस पठानिया ने तीन बार विधायक रहे पैंथर्स पार्टी के अध्यक्ष हर्ष देव सिंह को पराजित कर दिया था।
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वहीं, उधमपुर सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार पवन गुप्ता भी पैंथर्स पार्टी से दो बार विधायक रहे बलवंत सिंह मनकोटिया को पराजित कर पहली बार विधायक बने थे। लेकिन, परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के बाद किस सीट से कौन चुनाव लड़ सकता है, यह साफ नहीं है। रामनगर सीट अनुसूचित जाति के प्रत्याशियों के लिए आरक्षित होने के बाद अब हर्ष देव सिंह और आरएस पठानिया का रामनगर से चुनाव लड़ना संभव नहीं।
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हर्ष देव सिंह को शायद इसका पहले ही अंदेशा हो गया था, इसलिए वह पिछले कुछ महीनों से लगातार पंचैरी व चिनैनी तहसील के दौरे कर सभाएं कर रहे हैं। वहीं, पूर्व विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया पैंथर्स पार्टी के छोड़ने के बाद पंचैरी के लगातार दौरे कर सभाओं का आयोजन कर रहे हैं। पूर्व विधायक पवन गुप्ता भाजपा में शामिल होने के बाद अभी किसी इलाके में दौरे करते नजर नहीं आए हैं। रामनगर सीट के लिए अब भाजपा व पैंथर्स पार्टी जल्द ही नए चेहरे सामने ला सकती है।