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Udhampur News: जीपीएस आधारित वाहन ट्रैकिंग के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश
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किश्तवाड़ में जिला उपायुक्त मचैल यात्रा को लेकर बैठक करते हुए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
किश्तवाड़। उपायुक्त राजेश कुमार शवन की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की वीरवार को बैठक हुई। इसमें सड़क सुरक्षा उपायों की स्थिति व प्रगति की समीक्षा की गई।वाहन निगरानी व प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करने के लिए उपायुक्त ने एआरटीओ, डीटीआई व पुलिस अधिकारियों को जीपीएस-आधारित वाहन ट्रैकिंग के लिए संयुक्त रूप से नियंत्रण कक्ष स्थापित करने का निर्देश दिया।
बैठक में विभिन्न विभागों और समिति के सदस्यों ने सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए की गई नवीनतम कार्यवाहियों पर प्रस्तुतियां दीं। उपायुक्त ने कहा कि यह नियंत्रण कक्ष 24 घंटे काम करेगा। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जाते हुए डीसी ने सभी नोडल एजेंसियों को दस्तावेज सत्यापन में तेजी लाने, ओवरस्पीडिंग की निगरानी और यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। एआरटीओ ने बताया कि पिछले तीन महीनों में ओवरलोडिंग, फिटनेस और अन्य उल्लंघन के लिए कुल 68 वाहनों को जब्त किया गया है। 12 वाहनों के परमिट निलंबित किए गए, 104 वाहनों को ब्लैक लिस्ट किया गया और 22 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए।
उपायुक्त ने एआरटीओ को संयुक्त प्रवर्तन अभियान, सार्वजनिक जागरूकता अभियान और स्पीड गन जैसे आधुनिक उपकरणों के उपयोग के लिए हितधारकों के साथ समन्वय बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने समय-समय पर वाहन फिटनेस व लाइसेंस जांच, चालक स्वास्थ्य शिविर, चालक प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना और सड़क दुर्घटना पीड़ितों के परिवारों को मुआवजे के शीघ्र वितरण की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
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चालकों को नशे से दूर रहकर ड्राइविंग करने और ओवरलोडिंग के बारे में शिक्षित करने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने बीआरओ और एनएचआईडीसीएल को जल्द से जल्द क्रैश बैरियर लगाने के निर्देश दिए। मोटर वाहन विभाग, यातायात पुलिस और संबद्ध एजेंसियों सहित सभी हितधारकों के बीच समन्वित प्रयासों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने एआरटीओ को किसी भी प्रतिकूल आदेश के मामले में अपील दायर करने का भी निर्देश दिया।
बैठक में एसएसपी नरेश सिंह, एडीसी पवन कोतवाल, एआरटीओ तसलीम वानी आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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किश्तवाड़। उपायुक्त राजेश कुमार शवन की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की वीरवार को बैठक हुई। इसमें सड़क सुरक्षा उपायों की स्थिति व प्रगति की समीक्षा की गई।वाहन निगरानी व प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करने के लिए उपायुक्त ने एआरटीओ, डीटीआई व पुलिस अधिकारियों को जीपीएस-आधारित वाहन ट्रैकिंग के लिए संयुक्त रूप से नियंत्रण कक्ष स्थापित करने का निर्देश दिया।
बैठक में विभिन्न विभागों और समिति के सदस्यों ने सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए की गई नवीनतम कार्यवाहियों पर प्रस्तुतियां दीं। उपायुक्त ने कहा कि यह नियंत्रण कक्ष 24 घंटे काम करेगा। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जाते हुए डीसी ने सभी नोडल एजेंसियों को दस्तावेज सत्यापन में तेजी लाने, ओवरस्पीडिंग की निगरानी और यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। एआरटीओ ने बताया कि पिछले तीन महीनों में ओवरलोडिंग, फिटनेस और अन्य उल्लंघन के लिए कुल 68 वाहनों को जब्त किया गया है। 12 वाहनों के परमिट निलंबित किए गए, 104 वाहनों को ब्लैक लिस्ट किया गया और 22 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए।
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उपायुक्त ने एआरटीओ को संयुक्त प्रवर्तन अभियान, सार्वजनिक जागरूकता अभियान और स्पीड गन जैसे आधुनिक उपकरणों के उपयोग के लिए हितधारकों के साथ समन्वय बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने समय-समय पर वाहन फिटनेस व लाइसेंस जांच, चालक स्वास्थ्य शिविर, चालक प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना और सड़क दुर्घटना पीड़ितों के परिवारों को मुआवजे के शीघ्र वितरण की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
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चालकों को नशे से दूर रहकर ड्राइविंग करने और ओवरलोडिंग के बारे में शिक्षित करने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने बीआरओ और एनएचआईडीसीएल को जल्द से जल्द क्रैश बैरियर लगाने के निर्देश दिए। मोटर वाहन विभाग, यातायात पुलिस और संबद्ध एजेंसियों सहित सभी हितधारकों के बीच समन्वित प्रयासों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने एआरटीओ को किसी भी प्रतिकूल आदेश के मामले में अपील दायर करने का भी निर्देश दिया।
बैठक में एसएसपी नरेश सिंह, एडीसी पवन कोतवाल, एआरटीओ तसलीम वानी आदि अधिकारी मौजूद रहे।