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मौत की अनसुलझी गुत्थियों का गढ़ बना पंचैरी
ब्यूरो/ उधमपुर/पंचैरी
Updated Wed, 21 Sep 2016 11:35 PM IST
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murder shimla
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जिले के पंचैरी क्षेत्र में वर्षों से कई हत्या व संदिग्ध मौत के मामले सुलझने का इंतजार कर रहे हैं। पीड़ित परिवार वाले वर्षों से मामले सुलझने और इंसाफ होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन पुलिस की छानबीन किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पा रही है। पंचैरी क्षेत्र में आए दिन आत्महत्या व हत्या के मामले प्रकाश में आते रहते हैं। इनमें से अधिकतर मामलों में पुलिस के हाथ आज भी खाली हैं।
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कुछ मामले तो इतने पुराने हैं कि अब इन मामलों की फाइलें पुलिस थाने में किसी कोने में पड़ी धूल फांक रही हैं। सबसे पुराना मामला है 1985 का, जिसमें एक दंपति की पंचैरी के दमनोत क्षेत्र के परांड गांव में हत्या उन्हीं की दुकान में कुल्हाड़ी से काटकर कर दी गई थी। इस मामले में हाथ पैर मारने के बाद भी पिछले 31 साल से मामला ज्यों का त्यों है। पुलिस 31 साल में इस मामले में तिल भर भी आगे नहीं बढ़ पाई है।
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दूसरा बड़ा मामला पुरानी भूत्ती में साल 2008 में लोहड़ी की रात हुआ। इस मामले में भी अशोक खजूरिया व परमिला खजूरिया नाम के दंपति की कुल्हाड़ी से काटकर उनकी ही दुकान में हत्या कर दी गई। इस केस में पुलिस द्वारा शुरुआत में ही ढील बरती गई जिससे समय के साथ इस मामले से जुड़े सभी सबूतों को मिटा दिया गया। मामले में पुलिस ने 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई।
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कई बार पुलिस द्वारा इस केस को सुलझाने तक पहुंचने का दावा भी किया गया, लेकिन आठ साल बीत जाने के बाद भी आज तक खजूरिया दंपति के हत्यारों का पता लगाने में पुलिस नाकाम ही साबित हुई। साल 2011 में सदोता गांव में करिशना देवी व प्रकाश नाम के नानी व नाती को उन्हीं के घर में कुल्हाड़ी के साथ काटकर बेरहमी से कत्ल कर दिया गया।
पांच साल बीत जाने के बाद भी इस मामले में भी पुलिस द्वारा किसी अंजाम तक नहीं पहुंचा जा सका। इसके अलावा भी पुलिस द्वारा पंचैरी के विभिन्न हिस्सों से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के दस के करीब मामले दर्ज किए गए हैं, जिन्हें सुलझाने में पुलिस द्वारा अभी तक किसी भी तरह की कामयाबी हासिल नहीं की जा सकी है। स्थानीय लोगों में पुलिस के इस गैर जिम्मेदाराना रवैए को लेकर खासा असंतोष व्याप्त है।
डीआईजी उधमपुर रियासी रेंज सुरिंद्र गुप्ता ने बताया कि अधिकतर मामलों में छानबीन अभी की जा रही है। संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के अधिकतर मामलों में ऐसा कुछ भी नहीं पाया गया है, जिसे हत्या कहा जा सके। खजूरिया दंपती मामले की छानबीन अभी भी चल रही है पुलिस को जल्द ही कामयाबी हाथ लगेगी।