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नगर परिषद की तरफ से हटाए जा रहे डस्टबिन
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उधमपुर शहर में पुराने राजमार्ग के किनारे से डस्टबिन हटाने के बाद फैली गंदगी
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए लगाए गए कूडे़दानों को नगर परिषद हटाने में लगी हुई है। इससे शहर के अंदर सफाई व्यवस्था चरमराने लगी है।
दशहरे के दिन नगर परिषद ने वार्ड 11 से पुराने राजमार्ग के किनारे पर स्थित दो कूड़ेदानों को हटा दिया गया है। इससे शहरवासी कूड़े को खुले में फेंकने को मजबूर हो गए हैं। शहर के 21 वार्डों में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए 40 से अधिक कूडे़दान लगाए गए हैं। शहरवासी अपने घरों से निकलने वाले कचरे को इनमें अंदर डालते हैं। इससे शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने में बहुत मदद मिल रही है।
लेकिन, अब कुछ स्थानों से कूडे़दानों को हटाया जा रहा है। जिन स्थानों से कूड़ेदान हटाए गए हैं, वहां पर कचरे को खुले में जमा किया जा रहा है। इससे शहरवासियों को बहुत परेशानी हो रही है। शुक्रवार को पुराने राजमार्ग के किनारे पर रखे दो कूड़ेदानों को नगर परिषद के कर्मचारी उठाकर ले गए। जब शहरवासी कूड़ा डालने पहुंचे तो कूड़ेदान गायब देखकर हैरान रह गए। मजबूरन उन्हें खुले में ही कचरा डालना पड़ा।
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शहरवासियों का कहना था कि त्योहारों के मौसम में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने की जरूरत है। इसके लिए मौजूदा हालात को देखते हुए कूडे़दानों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। जबकि नगर परिषद इनकी संख्या कम कर रहा है। शहर के अंदर हर घर से कचरा उठाना संभव नहीं है। इसलिए कूड़ेदानों की सख्त जरूरत है।
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कुछ लोग कूड़ेदानों में ही कूड़े को आग लगा रहे हैं। इससे कूड़ेदान खराब हो रहे हैं। इनको हटाकर अब दूसरे कूड़ेदान लगाने का प्रयास किया जा रहा है। नगर परिषद का प्रयास है कि शहरवासी कचरे को कूड़ेदान में डालने के बजाय घर घर से कचरा उठाने वाले कर्मचारियों को दें। नगर परिषद कूड़ेदानों की संख्या बढ़ाने के पक्ष में नहीं है।
- डा. जोगेश्वर गुप्ता, नगर परिषद अध्यक्ष
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दशहरे के दिन नगर परिषद ने वार्ड 11 से पुराने राजमार्ग के किनारे पर स्थित दो कूड़ेदानों को हटा दिया गया है। इससे शहरवासी कूड़े को खुले में फेंकने को मजबूर हो गए हैं। शहर के 21 वार्डों में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए 40 से अधिक कूडे़दान लगाए गए हैं। शहरवासी अपने घरों से निकलने वाले कचरे को इनमें अंदर डालते हैं। इससे शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने में बहुत मदद मिल रही है।
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लेकिन, अब कुछ स्थानों से कूडे़दानों को हटाया जा रहा है। जिन स्थानों से कूड़ेदान हटाए गए हैं, वहां पर कचरे को खुले में जमा किया जा रहा है। इससे शहरवासियों को बहुत परेशानी हो रही है। शुक्रवार को पुराने राजमार्ग के किनारे पर रखे दो कूड़ेदानों को नगर परिषद के कर्मचारी उठाकर ले गए। जब शहरवासी कूड़ा डालने पहुंचे तो कूड़ेदान गायब देखकर हैरान रह गए। मजबूरन उन्हें खुले में ही कचरा डालना पड़ा।
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शहरवासियों का कहना था कि त्योहारों के मौसम में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने की जरूरत है। इसके लिए मौजूदा हालात को देखते हुए कूडे़दानों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। जबकि नगर परिषद इनकी संख्या कम कर रहा है। शहर के अंदर हर घर से कचरा उठाना संभव नहीं है। इसलिए कूड़ेदानों की सख्त जरूरत है।
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कुछ लोग कूड़ेदानों में ही कूड़े को आग लगा रहे हैं। इससे कूड़ेदान खराब हो रहे हैं। इनको हटाकर अब दूसरे कूड़ेदान लगाने का प्रयास किया जा रहा है। नगर परिषद का प्रयास है कि शहरवासी कचरे को कूड़ेदान में डालने के बजाय घर घर से कचरा उठाने वाले कर्मचारियों को दें। नगर परिषद कूड़ेदानों की संख्या बढ़ाने के पक्ष में नहीं है।
- डा. जोगेश्वर गुप्ता, नगर परिषद अध्यक्ष

उधमपुर शहर में पुराने राजमार्ग के किनारे से डस्टबिन हटाने के बाद फैली गंदगी- फोटो : UDHAMPUR