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मनरेगा की दिहाड़ी बढ़ाने की मांग पर मजदूरों का प्रदर्शन
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उधमपुर। मनरेगा की प्रति दिन दिहाड़ी 500 रुपये करने, 100 दिन रोजगार देने व अन्य लंबित मांगों के लिए जिले के मजदूरों ने बुधवार को एमएच चौक स्थित विश्वकर्मा मंदिर के बाहर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी मजदूरों ने कहा कि जो योजनाएं शुरू की गई थीं उनको अब बंद किया जा रहा है। इस कारण मजदूर महंगाई की मार झेलने को मजबूर हैं।
मजदूर दस्तकार यूनियन के जिला प्रधान दर्शन कुमार के नेतृत्व में बुधवार दोपहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में हिस्सा लेने यूनियन के प्रदेश उप प्रधान बंसी लाल शर्मा और महासचिव शशि स्याल भी पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान दर्शन कुमार ने बताया कि सरकार की तरफ से मनरेगा की दिहाड़ी बहुत कम है। इस राशि से परिवार की जरूरतों को पूरा करना संभव नहीं है। यूनियन की मांग है कि मनरेगा की दिहाड़ी की राशि 500 रुपये की जाए और गरीब मजदूरों को गारंटी के साथ 100 दिन का रोजगार दिया जाए। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग के कार्यालय में मजदूरों के कार्ड को रिन्यू करवाने के लिए भी बहुत ज्यादा परेशानियां होती हैं।
विभाग की तरफ से समय पर कार्ड को रिन्यू नहीं किया जा रहा है और उनको इसके लिए कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की तरफ से बेटी की शादी के लिए 25 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती थी। लेकिन उसे बिना किसी कारण के 2016 में बंद कर दिया गया और आज तक इस योजना को बहाल नहीं किया गया है। इस योजना को शुरू किया जाए। कहा कि आसमान छूती महंगाई में गरीब मजदूर के लिए अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करना बहुत मुश्किल होता जा रहा है। सरकार का पूरा ध्यान सरकारी कर्मचारी और पूंजीपतियों की तरफ है। मजदूरों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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मजदूर दस्तकार यूनियन के जिला प्रधान दर्शन कुमार के नेतृत्व में बुधवार दोपहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में हिस्सा लेने यूनियन के प्रदेश उप प्रधान बंसी लाल शर्मा और महासचिव शशि स्याल भी पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान दर्शन कुमार ने बताया कि सरकार की तरफ से मनरेगा की दिहाड़ी बहुत कम है। इस राशि से परिवार की जरूरतों को पूरा करना संभव नहीं है। यूनियन की मांग है कि मनरेगा की दिहाड़ी की राशि 500 रुपये की जाए और गरीब मजदूरों को गारंटी के साथ 100 दिन का रोजगार दिया जाए। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग के कार्यालय में मजदूरों के कार्ड को रिन्यू करवाने के लिए भी बहुत ज्यादा परेशानियां होती हैं।
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विभाग की तरफ से समय पर कार्ड को रिन्यू नहीं किया जा रहा है और उनको इसके लिए कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की तरफ से बेटी की शादी के लिए 25 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती थी। लेकिन उसे बिना किसी कारण के 2016 में बंद कर दिया गया और आज तक इस योजना को बहाल नहीं किया गया है। इस योजना को शुरू किया जाए। कहा कि आसमान छूती महंगाई में गरीब मजदूर के लिए अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करना बहुत मुश्किल होता जा रहा है। सरकार का पूरा ध्यान सरकारी कर्मचारी और पूंजीपतियों की तरफ है। मजदूरों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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