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पांच वर्ष से मजदूरों की बेटियों की शादी के लिए नहीं मिली सरकारी मदद

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बेटियों की शादी के लिए 25 हजार रुपये देने व अन्य लंबित मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर मजदूर दस्तकार यूनियन की बैठक का आयोजन मंगलवार को एमएच चौक स्थित विश्वकर्मा मंदिर में हुआ। मजदूरों ने कहा कि सरकारी सुविधाओं की मांग के लिए कई वर्षों से सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन कोई भी उनकी परेशानी की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है।
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दोपहर करीब 12 बजे मजदूर दस्तकार यूनियन के जिला प्रधान दर्शन कुमार के नेतृत्व में बैठक आयोजित हुई। दर्शन कुमार ने कहा कि करीब 12 वर्ष पहले सरकार ने बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वेलफेयर बोर्ड का गठन किया और मजदूरों को लाभ देने के लिए कई योजनाएं तैयार की। लेकिन पांच वर्ष पहले कई योजनाओं को बंद कर दिया गया।
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इनमें एक योजना बेटियों की शादी के लिए आर्थिक मदद करना थी। श्रम विभाग की तरफ से मजदूरों को बेटी की शादी के लिए 25 हजार रुपये की मदद मिलती थी। लेकिन 2016 से इसको बंद कर दिया गया है। इसके कारण मजदूरों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पांच वर्ष से मजदूर बेटी की शादी के लिए उधार ले रहे हैं। कई बार इस सुविधा को शुरू करने की मांग को सरकार के सामने रख चुके हैं।
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मजदूूरों को आज तक पेंशन की सुविधा नहीं मिल सकी है। देश के कई राज्यों में 60 वर्ष से अधिक उम्र के मजदूरों को पेंशन दी जा रही है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में मजदूरों को इस सुविधा से महरूम रखा जा रहा है। मजदूरों को कम से कम तीन हजार रुपये पेंशन मिलनी चाहिए। पिछले कुछ समय से लगातार महंगाई बढ़ती जा रही है। महंगाई की सबसे ज्यादा मार गरीब मजदूरों को ही पड़ रही है। दिहाड़ी से गुजारा करना मुश्किल हो गया है।
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