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शिविर में किया ढाई हजार मवेशियों का उपचार
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उधमपुर। सेना द्वारा थियाल में लगाया गया पशु चिकित्सा सहायता एवं ग्रामीण विकास शिविर
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर/मजालता। सेना ने ब्लॉक-मजालता के थियाल गांव में एक पशु चिकित्सा सहायता और ग्रामीण विकास शिविर का आयोजन किया। इसका आयोजन उधमपुर 71 सब एरिया के एडवांस फील्ड पशु चिकित्सालय ने मुख्य पशुपालन अधिकारी के सहयोग से किया।
शिविर में मुफ्त पशु चिकित्सा उपचार, सामूहिक डी-वार्मिंग, प्रणालीगत रोगों के लिए पशुओं की जांच, छोटी सर्जरी का संचालन व गर्भावस्था निदान के लिए स्त्री रोग संबंधी जांच, कुत्तों का एंटी-रेबीज टीकाकरण और फीड पूरक एवं खनिज मिश्रण का वितरण शामिल था। शिविर में स्थानीय किसानों को उनके पशुधन की उत्पादकता में सुधार के लिए पशु प्रबंधन के विभिन्न वैज्ञानिक पहलुओं पर सलाह देकर जागरूक किया गया। इसमें गांव थियाल के पशु मालिकों के अलावा आसपास के गांवों के कई किसानों और बक्करवाल समुदाय के लोगों ने भी भाग लिया।
शिविर के दौरान एनोरेक्सिया, बुखार, परजीवी संक्रमण, मामूली चोटों, बांझपन, दोहराने वाले प्रजनकों और अन्य पुरानी प्रणालीगत बीमारी की स्थिति जैसी छोटी बीमारियों से पीड़ित मामलों को देखा गया, और उन्हें उन्नत पशु चिकित्सा देखभाल प्रदान की गई। शिविर स्थल पर गाय, भैंस, भेड़, बकरी, कुत्ते, खच्चर और मुर्गी सहित लगभग ढाई हजार जानवरों का इलाज किया गया, और उन्हें पोषण की खुराक सहित दवाएं दी गईं। शिविर में बीमार पशुओं का घर-घर जाकर इलाज करने और जरूरतमंद किसानों को पशु स्वास्थ्य प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर पेशेवर सलाह भी दी गई।
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शिविर में मुफ्त पशु चिकित्सा उपचार, सामूहिक डी-वार्मिंग, प्रणालीगत रोगों के लिए पशुओं की जांच, छोटी सर्जरी का संचालन व गर्भावस्था निदान के लिए स्त्री रोग संबंधी जांच, कुत्तों का एंटी-रेबीज टीकाकरण और फीड पूरक एवं खनिज मिश्रण का वितरण शामिल था। शिविर में स्थानीय किसानों को उनके पशुधन की उत्पादकता में सुधार के लिए पशु प्रबंधन के विभिन्न वैज्ञानिक पहलुओं पर सलाह देकर जागरूक किया गया। इसमें गांव थियाल के पशु मालिकों के अलावा आसपास के गांवों के कई किसानों और बक्करवाल समुदाय के लोगों ने भी भाग लिया।
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शिविर के दौरान एनोरेक्सिया, बुखार, परजीवी संक्रमण, मामूली चोटों, बांझपन, दोहराने वाले प्रजनकों और अन्य पुरानी प्रणालीगत बीमारी की स्थिति जैसी छोटी बीमारियों से पीड़ित मामलों को देखा गया, और उन्हें उन्नत पशु चिकित्सा देखभाल प्रदान की गई। शिविर स्थल पर गाय, भैंस, भेड़, बकरी, कुत्ते, खच्चर और मुर्गी सहित लगभग ढाई हजार जानवरों का इलाज किया गया, और उन्हें पोषण की खुराक सहित दवाएं दी गईं। शिविर में बीमार पशुओं का घर-घर जाकर इलाज करने और जरूरतमंद किसानों को पशु स्वास्थ्य प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर पेशेवर सलाह भी दी गई।
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