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छात्रों को समझाई उर्दू भाषा की भूमिका
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उधमपुर। गवर्नमेंट महिला कॉलेज के साहित्यिक क्लब ने आजादी का अमृत महोत्सव के तहत ऑनलाइन उर्दू भाषा और राष्ट्रीय भाईचारे विषय पर एक विस्तार व्याख्यान का आयोजन किया।
उर्दू के विभागाध्यक्ष डॉ. मूल राज की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में कॉलेज की प्राचार्या प्रो. मीनू महाजन मुख्यातिथि थीं। उन्होंने राष्ट्र के सभी क्षेत्रों, धर्मों, संस्कृतियों और भाषाओं में सार्वभौमिक भाईचारा बनाए रखने में उर्दू भाषा की भूमिका पर जोर दिया। कहा कि यह मूल्यों, विश्वासों, परंपराओं, आकांक्षाओं और एक राष्ट्र के रूप में पहचान को बनाए रखने को भी दर्शाता है। भाषा एक ऐसा बंधन है जो मनुष्य को अतीत, वर्तमान और भविष्य से जोड़ता है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की साहित्यिक बैठकें न केवल विषय के ज्ञान को बढ़ाती हैं, बल्कि विचारों और उनकी भूख को भी संतुष्ट करती हैं। कार्यक्रम के दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय के उर्दू के सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हृदय भानु प्रताप और जाकिर हुसैन संसाधन व्यक्ति थे। डॉ. भानु प्रताप ने कहा कि उर्दू भाषा न केवल एक आधुनिक भारतीय भाषा है, बल्कि यह देश की एक ऐसी विरासत है, जिसमें गंगा जमुनी तहजीब परिलक्षित हुई है। कार्यक्रम में लगभग सौ छात्रों और संकाय सदस्यों ने भाग लिया।
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उर्दू के विभागाध्यक्ष डॉ. मूल राज की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में कॉलेज की प्राचार्या प्रो. मीनू महाजन मुख्यातिथि थीं। उन्होंने राष्ट्र के सभी क्षेत्रों, धर्मों, संस्कृतियों और भाषाओं में सार्वभौमिक भाईचारा बनाए रखने में उर्दू भाषा की भूमिका पर जोर दिया। कहा कि यह मूल्यों, विश्वासों, परंपराओं, आकांक्षाओं और एक राष्ट्र के रूप में पहचान को बनाए रखने को भी दर्शाता है। भाषा एक ऐसा बंधन है जो मनुष्य को अतीत, वर्तमान और भविष्य से जोड़ता है।
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उन्होंने कहा कि इस प्रकार की साहित्यिक बैठकें न केवल विषय के ज्ञान को बढ़ाती हैं, बल्कि विचारों और उनकी भूख को भी संतुष्ट करती हैं। कार्यक्रम के दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय के उर्दू के सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हृदय भानु प्रताप और जाकिर हुसैन संसाधन व्यक्ति थे। डॉ. भानु प्रताप ने कहा कि उर्दू भाषा न केवल एक आधुनिक भारतीय भाषा है, बल्कि यह देश की एक ऐसी विरासत है, जिसमें गंगा जमुनी तहजीब परिलक्षित हुई है। कार्यक्रम में लगभग सौ छात्रों और संकाय सदस्यों ने भाग लिया।
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