{"_id":"607c7aff8ebc3e590b34587d","slug":"attaka-aarti-became-the-center-of-attraction-among-devotees-in-chaitra-navratri-katra-news-jmu23373705","type":"story","status":"publish","title_hn":"चैत्र नवरात्र में अटका आरती बनी श्रद्धालुओं में आकर्षण का केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चैत्र नवरात्र में अटका आरती बनी श्रद्धालुओं में आकर्षण का केंद्र
विज्ञापन
कटड़ा। कोरोना संकट के बीच चैत्र नवरात्र में महामाई की भक्ति में लोग लीन हैं। रोजाना देशदुनिया से हजारों भक्त मां वैष्णो के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं, मौजूदा समय में सुबह-शाम की अटका आरती भक्तों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। खास कर भक्त अटका आरती में हिस्सा लेने के लिए विशेष तौर मां के दरबार में पहुंच रहे हैं।
इस बीच श्रीमाता श्राइन बोर्ड की ओर से भवन में शतचंडी महायज्ञ जारी है, जिसमें प्रकांड पंडित मंत्रोच्चारण से माहौल को भक्तिमय बना रहे हैं। मंत्रों की पवित्र ध्वनी और मां की भेंटों से धर्मनगरी, यात्रा मार्ग और दरबार गूंज रहा है। रविवार सुबह अटका आरती के बाद प्रसिद्ध गायिका तुलसी कुमारी ने ...मेहर करो मैय्या जी मेरे उत्ते मेहर करो और ऊंचे भवन में होती हैं मैय्या तेरी जय-जय कार प्रस्तुत कर भक्तों को भावविभोर का दिया। वहीं, शाम को गायक सुखविंदर ने हाजिरी लगाकर मां की महिमा का गुणगान किया, जिसके सुन कर भक्ता झूमने को मजबूर रहे। इससे भक्तों में मां के दर्शनों के लिए उत्साह देखते ही बनता था। पूरा मार्ग ...जोर से बोलो जय माता दी और ...पौड़ी पौड़ी चढ़दा जा, जय माता दी करदा जा से गूंजता रहा। इस दौरान यात्रा मार्ग पर जगह-जगह कोविड-19 के नियमों का पालन किया जा रहा है। जगह-जगह थर्मल स्कैनिंग, सैनिटाइजर और मास्क का प्रबंध किया गया है। इसके अलावा श्रद्धालुओं को जागरू भी किया जा रहा है।
अधिकारियों ने पूजा-अर्चना कर की कोरोना के खात्मे की कामना
रविवार को सीआरपीएफ 06 बटालियन के कमांडेंट जितेंद्र कुमार गुप्ता, पर्यटन विभाग की उपनिदेशक अंबिका वाली, एडवोकेट सुप्रिया चौहान ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई। इस दौरान पूजा-अर्चना कर हवन-यज्ञ में भाग लिया। वहीं, कोरोना के खात्मे की कामना की। इस मौके पर गुप्ता ने कहा कि मां वैष्णो देवी से यही प्रार्थना है कि कोरोना महामारी पूरी तरह से खत्म हो जाए और यात्रा में पहले की तरह बढ़ोतरी हो। इसलिए सभी को कोविड-19 के दिशानिर्देशों का पालन करना होगा।
विज्ञापन
दिनभर हेलिकॉप्टर सेवा रही सुचारु
दिनभर बादल छाए रहे, लेकिन हवाएं कम चलने से हेलिकॉप्टर सेवा सुचारु रही, जिसका भक्तों ने लाभ उठाया है। इसके अलावा बैटरी कार और सेवा भी बहाल रही है। दिनभर लोग पैदल, घोड़ा, पिट्ठू और पालकी की मदद से भवन की ओर प्रस्थान करते रहे। पूरा मार्ग मां के जयकारों से गूंजता रहा। शनिवार को जहां नौ हजार से अधिक भक्तों ने मां की पवित्र पिंडियों के दर्शन किए थे। वहीं, रविवार को शाम छह बजे तक पंजीकरण कक्ष के अनुसार पांच हजार से अधिक भक्त भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे।
विज्ञापन
इस बीच श्रीमाता श्राइन बोर्ड की ओर से भवन में शतचंडी महायज्ञ जारी है, जिसमें प्रकांड पंडित मंत्रोच्चारण से माहौल को भक्तिमय बना रहे हैं। मंत्रों की पवित्र ध्वनी और मां की भेंटों से धर्मनगरी, यात्रा मार्ग और दरबार गूंज रहा है। रविवार सुबह अटका आरती के बाद प्रसिद्ध गायिका तुलसी कुमारी ने ...मेहर करो मैय्या जी मेरे उत्ते मेहर करो और ऊंचे भवन में होती हैं मैय्या तेरी जय-जय कार प्रस्तुत कर भक्तों को भावविभोर का दिया। वहीं, शाम को गायक सुखविंदर ने हाजिरी लगाकर मां की महिमा का गुणगान किया, जिसके सुन कर भक्ता झूमने को मजबूर रहे। इससे भक्तों में मां के दर्शनों के लिए उत्साह देखते ही बनता था। पूरा मार्ग ...जोर से बोलो जय माता दी और ...पौड़ी पौड़ी चढ़दा जा, जय माता दी करदा जा से गूंजता रहा। इस दौरान यात्रा मार्ग पर जगह-जगह कोविड-19 के नियमों का पालन किया जा रहा है। जगह-जगह थर्मल स्कैनिंग, सैनिटाइजर और मास्क का प्रबंध किया गया है। इसके अलावा श्रद्धालुओं को जागरू भी किया जा रहा है।
विज्ञापन
अधिकारियों ने पूजा-अर्चना कर की कोरोना के खात्मे की कामना
रविवार को सीआरपीएफ 06 बटालियन के कमांडेंट जितेंद्र कुमार गुप्ता, पर्यटन विभाग की उपनिदेशक अंबिका वाली, एडवोकेट सुप्रिया चौहान ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई। इस दौरान पूजा-अर्चना कर हवन-यज्ञ में भाग लिया। वहीं, कोरोना के खात्मे की कामना की। इस मौके पर गुप्ता ने कहा कि मां वैष्णो देवी से यही प्रार्थना है कि कोरोना महामारी पूरी तरह से खत्म हो जाए और यात्रा में पहले की तरह बढ़ोतरी हो। इसलिए सभी को कोविड-19 के दिशानिर्देशों का पालन करना होगा।
विज्ञापन
दिनभर हेलिकॉप्टर सेवा रही सुचारु
दिनभर बादल छाए रहे, लेकिन हवाएं कम चलने से हेलिकॉप्टर सेवा सुचारु रही, जिसका भक्तों ने लाभ उठाया है। इसके अलावा बैटरी कार और सेवा भी बहाल रही है। दिनभर लोग पैदल, घोड़ा, पिट्ठू और पालकी की मदद से भवन की ओर प्रस्थान करते रहे। पूरा मार्ग मां के जयकारों से गूंजता रहा। शनिवार को जहां नौ हजार से अधिक भक्तों ने मां की पवित्र पिंडियों के दर्शन किए थे। वहीं, रविवार को शाम छह बजे तक पंजीकरण कक्ष के अनुसार पांच हजार से अधिक भक्त भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे।