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देविका परियोजना की सुस्त रफतार पर सम्बंधित कपंनी को फिर लगा दस लाख रूपए का जुर्माना, लगभग 40 करोड के काम भी लिए वापस
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उधमपुर। नगर में देविका परियोजना के तहत किए जा रहे काम की सुस्त रफ्तार व अनियमितताओं को देखते हुए यूईईडी के अंतर्गत काम कर रही ठेकेदार ब्रिज गोपाल कंट्रक्शन कंपनी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही लगभग 40 करोड़ रुपये के काम भी वापस ले लिए गए हैं। यह जानकारी वीरवार को जिला विकास आयुक्त इंदु कंवल चिब ने एक प्रेसवार्ता में दी।
उन्होंने कहा कि देविका परियोजना उधमपुर वासियों की आस्था के साथ जुड़ी योजना है। इस पर साल 2019 से काम किया जा रहा है। लेकिन, काम की धीमी रफ्तार और अनियमितताओं को देखते हुए इस संबंध में नगरवासियों की काफी शिकायतें रही हैं। जिन पर लगातार समीक्षा करने के बाद जिला प्रशासन ने अब उक्त ठेकेदार से अधिकतर काम वापस ले लिया है। निर्देशों का पालन न कर पाने के एवज में कंपनी पर 10 लाख रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कंपनी पर दो करोड़ रुपये का जुर्माना लग चुका है। लेकिन, उक्त कंपनी फिर भी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने में नाकाम रही। जिसके कारण शहरवासियों के साथ जिला प्रशासन भी दुविधा में था। इसको लेकर लगातार बैठकें की जा रही थीं। काफी बैठकें और समीक्षा करने के बाद जिला प्रशासन ने अब उक्त ठेकेदार से काम वापस लेना का प्रयास शुरू किया है। इसमें काफी हद तक कामयाबी भी मिली है। डीसी ने कहा कि शहर में दो चरणों में देविका परियोजना का काम किया जा रहा है। पहला देविका तटों का सौंदर्यीकरण करना है, जिसमें काफी हद तक कामयाबी मिल गई है। संस्कर घाट का काम भी लगभग पूरा कर लिया गया है। जबकि दूसरे चरण के तहत शहर में बिछाई जा रही करीब 124 किलोमीटर लंबी सीवरेज का काम अभी काफी हद तक शेष है। जून 2022 तक देविका परियोजना के पूरा होने की संभावना है। इसके साथ ही 15 से 25 दिसंबर तक देश के अन्य हिस्सों में आयोजित होने वाले नदी उत्सव के दौरान इस बार उधमपुर में देविका आरती का आयोजन किया जाएगा। जो उधमपुर वासियों को आनंदित करेगा।
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उन्होंने कहा कि देविका परियोजना उधमपुर वासियों की आस्था के साथ जुड़ी योजना है। इस पर साल 2019 से काम किया जा रहा है। लेकिन, काम की धीमी रफ्तार और अनियमितताओं को देखते हुए इस संबंध में नगरवासियों की काफी शिकायतें रही हैं। जिन पर लगातार समीक्षा करने के बाद जिला प्रशासन ने अब उक्त ठेकेदार से अधिकतर काम वापस ले लिया है। निर्देशों का पालन न कर पाने के एवज में कंपनी पर 10 लाख रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया है।
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उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कंपनी पर दो करोड़ रुपये का जुर्माना लग चुका है। लेकिन, उक्त कंपनी फिर भी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने में नाकाम रही। जिसके कारण शहरवासियों के साथ जिला प्रशासन भी दुविधा में था। इसको लेकर लगातार बैठकें की जा रही थीं। काफी बैठकें और समीक्षा करने के बाद जिला प्रशासन ने अब उक्त ठेकेदार से काम वापस लेना का प्रयास शुरू किया है। इसमें काफी हद तक कामयाबी भी मिली है। डीसी ने कहा कि शहर में दो चरणों में देविका परियोजना का काम किया जा रहा है। पहला देविका तटों का सौंदर्यीकरण करना है, जिसमें काफी हद तक कामयाबी मिल गई है। संस्कर घाट का काम भी लगभग पूरा कर लिया गया है। जबकि दूसरे चरण के तहत शहर में बिछाई जा रही करीब 124 किलोमीटर लंबी सीवरेज का काम अभी काफी हद तक शेष है। जून 2022 तक देविका परियोजना के पूरा होने की संभावना है। इसके साथ ही 15 से 25 दिसंबर तक देश के अन्य हिस्सों में आयोजित होने वाले नदी उत्सव के दौरान इस बार उधमपुर में देविका आरती का आयोजन किया जाएगा। जो उधमपुर वासियों को आनंदित करेगा।
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