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Udhampur News: 15 से 30 जून तक 19 आदिवासी गांवों में लगेंगे शिविर
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संवाद न्यूज एजेसी
किश्तवाड़। धरती आभा जनजातीय ग्रामीण उत्कर्ष अभियान की प्रस्तावना के रूप में उपायुक्त राजेश कुमार शवन ने समग्र आदिवासी विकास के उद्देश्य से आगामी आईईसी अभियान के लिए शिविर कैलेंडर और व्यवस्थाओं की बुधवार को समीक्षा की। यह अभियान 15 से 30 जून तक 19 आदिवासी गांवों में चलाया जाएगा।
इसमें आदिवासी आबादी के लिए केंद्र प्रायोजित योजनाओं की संतृप्ति सुनिश्चित करने के लिए 17 सरकारी विभागों द्वारा कल्याणकारी योजनाओं के सक्रिय भागीदारी और समन्वित कार्यान्वयन को देखा जाएगा। उपायुक्त ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह अभियान बुनियादी ढांचे के विकास, पीएमएवाई-ग्रामीण के तहत पक्के घरों का निर्माण, जल जीवन मिशन के माध्यम से जल संपर्क, पीएमजीएसवाई के तहत सड़क विकास और आरडीएसएस के माध्यम से घरेलू विद्युतीकरण सहित विकास संबंधी जरूरतों की एक विस्तृत शृंखला को संबोधित करेगा।
इसके तहत मोबाइल मेडिकल यूनिट की तैनाती, आयुष्मान भारत कार्ड का वितरण, आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना और आयुष दवाओं का प्रावधान। समग्र शिक्षा अभियान के तहत छात्रावासों का निर्माण, विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों की शुरूआत और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना, एलपीजी कनेक्शन का वितरण, पीएम-किसान के तहत लाभों का विस्तार, पशुधन और मत्स्य विकास के लिए समर्थन और वित्तीय समावेशन योजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
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शिविर स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया, जिसमें स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता सुविधाएं और गोजरी और उर्दू जैसी स्थानीय भाषाओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए आदिवासी प्रभावशाली लोगों का उपयोग शामिल है।
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किश्तवाड़। धरती आभा जनजातीय ग्रामीण उत्कर्ष अभियान की प्रस्तावना के रूप में उपायुक्त राजेश कुमार शवन ने समग्र आदिवासी विकास के उद्देश्य से आगामी आईईसी अभियान के लिए शिविर कैलेंडर और व्यवस्थाओं की बुधवार को समीक्षा की। यह अभियान 15 से 30 जून तक 19 आदिवासी गांवों में चलाया जाएगा।
इसमें आदिवासी आबादी के लिए केंद्र प्रायोजित योजनाओं की संतृप्ति सुनिश्चित करने के लिए 17 सरकारी विभागों द्वारा कल्याणकारी योजनाओं के सक्रिय भागीदारी और समन्वित कार्यान्वयन को देखा जाएगा। उपायुक्त ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह अभियान बुनियादी ढांचे के विकास, पीएमएवाई-ग्रामीण के तहत पक्के घरों का निर्माण, जल जीवन मिशन के माध्यम से जल संपर्क, पीएमजीएसवाई के तहत सड़क विकास और आरडीएसएस के माध्यम से घरेलू विद्युतीकरण सहित विकास संबंधी जरूरतों की एक विस्तृत शृंखला को संबोधित करेगा।
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इसके तहत मोबाइल मेडिकल यूनिट की तैनाती, आयुष्मान भारत कार्ड का वितरण, आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना और आयुष दवाओं का प्रावधान। समग्र शिक्षा अभियान के तहत छात्रावासों का निर्माण, विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों की शुरूआत और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना, एलपीजी कनेक्शन का वितरण, पीएम-किसान के तहत लाभों का विस्तार, पशुधन और मत्स्य विकास के लिए समर्थन और वित्तीय समावेशन योजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
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शिविर स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया, जिसमें स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता सुविधाएं और गोजरी और उर्दू जैसी स्थानीय भाषाओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए आदिवासी प्रभावशाली लोगों का उपयोग शामिल है।