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शिक्षकों ने किया परीक्षा का बहिष्कार
Udhampur
Updated Thu, 24 Oct 2013 05:42 AM IST
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उधमपुर। उधमपुर व रामबन जिले के सरकारी शिक्षकों ने बुधवार को कुद स्थित कालरा कालेज आफ एजूकेशन में जेके बोर्ड एजूकेशन की तरफ से डिप्लोमा इन एलेंटरी एजूकेशन (डीईईडी) की परीक्षा का बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। शिक्षकों का कहना है कि परीक्षा केंद्र में तैनात सुपरिंटेंडेंट के गलत व्यवहार के कारण ही परीक्षा का बहिष्कार किया है। वहीं जेके बोर्ड के असिस्टेंट सेक्रेटरी ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि जांच के लिए भेजी गई टीम ने पाया है कि सुपरिंटेंडेंट इमानदारी से कार्य कर रहा था।
बुधवार को डीईईडी की दूसरी स्कूल मैनेजमेंट के विषय की परीक्षा थी। परीक्षा देने के लिए उधमपुर व रामबन जिले के सरकारी स्कूलों के 57 शिक्षक कुद स्थित परीक्षा केंद्र में तो पहुंचे, लेकिन परीक्षा देने के बजाए बाहर प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शन के दौरान नंद किशोर, बोधराज, मदन लाल, संजय कुमार, सरीता देवी, सुनीता देवी, सुषमा देवी, रेखा देवी, सोनिका गुप्ता व अन्य कई शिक्षकों ने बताया कि 21 अक्तूबर को उनकी पहली परीक्षा थी। परीक्षा के दौरान एजूकेशन बोर्ड की तरफ से तैनात किए गए परीक्षा केंद्र के सुपरिंटेंडेंट राकेश्वर शर्मा का व्यवहार उनके साथ सही नहीं था। इस कारण उनकी परीक्षा पूरी तरह से प्रभावित हुई। उन्होंने इसकी लिखित शिकायत जेके बोर्ड के ज्वाइंट डायरेक्टर व शिक्षा विभाग के सीईओ से भी की, लेकिन किसी ने सुपरिंटेंडेंट को नहीं बदला। इसलिए आज सभी परीक्षा का बहिष्कार करके परीक्षा देने के बजाए बाहर बैठे हुए हैं।
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बुधवार को डीईईडी की दूसरी स्कूल मैनेजमेंट के विषय की परीक्षा थी। परीक्षा देने के लिए उधमपुर व रामबन जिले के सरकारी स्कूलों के 57 शिक्षक कुद स्थित परीक्षा केंद्र में तो पहुंचे, लेकिन परीक्षा देने के बजाए बाहर प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शन के दौरान नंद किशोर, बोधराज, मदन लाल, संजय कुमार, सरीता देवी, सुनीता देवी, सुषमा देवी, रेखा देवी, सोनिका गुप्ता व अन्य कई शिक्षकों ने बताया कि 21 अक्तूबर को उनकी पहली परीक्षा थी। परीक्षा के दौरान एजूकेशन बोर्ड की तरफ से तैनात किए गए परीक्षा केंद्र के सुपरिंटेंडेंट राकेश्वर शर्मा का व्यवहार उनके साथ सही नहीं था। इस कारण उनकी परीक्षा पूरी तरह से प्रभावित हुई। उन्होंने इसकी लिखित शिकायत जेके बोर्ड के ज्वाइंट डायरेक्टर व शिक्षा विभाग के सीईओ से भी की, लेकिन किसी ने सुपरिंटेंडेंट को नहीं बदला। इसलिए आज सभी परीक्षा का बहिष्कार करके परीक्षा देने के बजाए बाहर बैठे हुए हैं।
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