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चांद के निकलते ही सुहागिनों ने किया अपने चांद का दीदार
Udhampur
Updated Wed, 23 Oct 2013 05:42 AM IST
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उधमपुर/किश्तवाड़/भद्रवाह/ कटड़ा। पति की लंबी आयु व अखंड सौभाग्य की कामना को लेकर मंगलवार को महिलाओं ने करवाचौथ का व्रत रखा। दिन भर उपवास रखने के बाद रात को पहले छन्नी से चांद को निहारा, फिर दीप जलाकर चावल व फूलों से अर्ध्य देकर पूजा की। इसके बाद पति के हाथ से पानी पीकर व्रत समाप्त किया।
मंगलवार सुबह सूर्योदय से पहले व्रत शुरू करने से पहले महिलाओं ने सरगी ली। इसके बाद करवाचौथ व्रत शुरू किया। फिर दिन भर उपवास के दौरान साज-श्रृंगार की तैयारियों में जुटी रहीं। सजने संवरने का काम पूरा होने पर शाम के समय पूजा की थाली लेकर मंदिरों में पहुंची। थाली पूजन के बाद सभी ने पति की लंबी आयु व अखंड सौभाग्य के लिए विघ्न विनाशक भगवान गणेश की पूजा की और चांद निकलने का इंतजार करने लगीं। रात करीब साढ़े आठ बजे चांद निकलने के बाद महिलाओं का दिन भर का इंतजार समाप्त हुआ। महिलाओं ने भगवान शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना कर चांद को निहारा। फिर दीप जलाकर चावल पूजा की। इसके बाद पति के हाथ से पानी पीकर व्रत समाप्त किया। भगवान से सुशील वर पाने की कामना को लेकर काफी संख्या में कुंवारी लड़कियों ने भी व्रत रखा।
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मंगलवार सुबह सूर्योदय से पहले व्रत शुरू करने से पहले महिलाओं ने सरगी ली। इसके बाद करवाचौथ व्रत शुरू किया। फिर दिन भर उपवास के दौरान साज-श्रृंगार की तैयारियों में जुटी रहीं। सजने संवरने का काम पूरा होने पर शाम के समय पूजा की थाली लेकर मंदिरों में पहुंची। थाली पूजन के बाद सभी ने पति की लंबी आयु व अखंड सौभाग्य के लिए विघ्न विनाशक भगवान गणेश की पूजा की और चांद निकलने का इंतजार करने लगीं। रात करीब साढ़े आठ बजे चांद निकलने के बाद महिलाओं का दिन भर का इंतजार समाप्त हुआ। महिलाओं ने भगवान शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना कर चांद को निहारा। फिर दीप जलाकर चावल पूजा की। इसके बाद पति के हाथ से पानी पीकर व्रत समाप्त किया। भगवान से सुशील वर पाने की कामना को लेकर काफी संख्या में कुंवारी लड़कियों ने भी व्रत रखा।
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