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एक ही चिता पर किया नवदंपति का संस्कार
Udhampur
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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उधमपुर। मानसर से लौटते समय वीरवार को मोटरसाइकिल पलटने के चलते दरसू इलाके में मारे गए नवदंपति किशोर और सरिता ने एक-दूसरे का चिता तक साथ निभाया। दोनों ने 31 अक्टूबर को प्रेम विवाह किया था और साथ जीने-मरने की कसमें खाई थी। हालांकि शादी दोनों के परिवार वालों की सहमति से धूमधाम से हुई थी। इससे पहले जब एक साथ दो अर्थियां उठी तो देखने वाले हर लोग का कलेजा पसीज गया।
गौरतलब है कि वीरवार शाम को शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर दरसू इलाके में मोटरसाइकिल के धार रोड पर पलटने से किशोर व उसकी पत्नी सरिता देवी (23) की मंौके पर ही मृत्यु हो गई थी। शादी के बाद पहली बार दोनों साथ-साथ मोटरसाइकिल से मानसर में देवता के दर्शन करने और घूमने-फिरने निकले थे। लेकिन यह सफर जिंदगी का आखिरी सफर साबित हो गया। शुक्रवार को सभी परिजनों ने नम आंखों के साथ दोनों को अंतिम विदाई दी। इस मौके पर भारी संख्या में लोग शामिल हुए। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे दोनों का देविका श्मशान घाट पर मुखाग्नि दी गई। चिता में आग देने से पहले किशोर का भाई बिलख-बिलख कर रो रहा था।
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गौरतलब है कि वीरवार शाम को शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर दरसू इलाके में मोटरसाइकिल के धार रोड पर पलटने से किशोर व उसकी पत्नी सरिता देवी (23) की मंौके पर ही मृत्यु हो गई थी। शादी के बाद पहली बार दोनों साथ-साथ मोटरसाइकिल से मानसर में देवता के दर्शन करने और घूमने-फिरने निकले थे। लेकिन यह सफर जिंदगी का आखिरी सफर साबित हो गया। शुक्रवार को सभी परिजनों ने नम आंखों के साथ दोनों को अंतिम विदाई दी। इस मौके पर भारी संख्या में लोग शामिल हुए। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे दोनों का देविका श्मशान घाट पर मुखाग्नि दी गई। चिता में आग देने से पहले किशोर का भाई बिलख-बिलख कर रो रहा था।
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