पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट: आज तय होगी मतदाता सूची, 20 मई के बाद तारीखों पर सरकार-आयोग बैठक संभव
प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है और 95% से ज्यादा दावे-आपत्तियों का निपटारा हो चुका है। अंतिम मतदाता सूची 20 मई को जारी होगी, जिसके बाद चुनाव तारीख और ओबीसी आरक्षण पर सरकार व आयोग की बैठक संभव है।
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प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए मतदाताओं की संख्या आज तय हो जाएगी। चुनाव आयोग ने करीब डेढ़ महीने चले अभियान को पूरा कर लिया है। लगभग 95 फीसदी से ज्यादा दावे और आपत्तियों का निपटारा हो चुका है।
करीब एक हजार आपत्तियां बकाया हैं जिन्हें 15 मई को निपटा लिया जाएगा। इसके बाद अंतिम सूची तय हो जाएगी। हालांकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 20 मई को होगा। आयोग ने प्रिंटिंग और अंतिम जांच के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय तय किया है। पंचायत चुनाव में पहली मई तक पंजीकृत मतदाता ही अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर पाएंगे।
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होने के बाद आयोग की तरफ से पंचायत चुनाव की शुरुआती तैयारी पूरी हो जाएगी। मतदाता सूची तैयार होने के बाद आयोग इसकी एक रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भी सौंपेगा। 20 मई के बाद प्रदेश सरकार और आयोग के बीच चुनाव की तारीख तय करने को लेकर संभावित बैठक हो सकती है। इस बैठक में अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण को लेकर फैसला होने की संभावना रहेगी।
2018 में थे 5,85,42,08 मतदाता
प्रदेश में पंचायतों के अंतिम चुनाव 2018 में हुए थे। इन चुनाव में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 5,85,42,08 थी। इनमें कश्मीर संभाग में 2,99,11,28 तो जम्मू संभाग में 2,86,30,80 मतदाता पंजीकृत थे। चुनाव आयोग ने उस समय नौ चरणों में चुनाव करवाए थे। अब आठ साल बाद इस संख्या में चार फीसदी से ज्यादा उछाल की संभावना जताई जा रही है।
ओबीसी आरक्षण से तय होंगी सीटें
पंचायतों और नगर निकाय के चुनाव में सीटें तय करने में आरक्षण का किरदार सबसे अहम होगा। आबादी के आधार पर सीटों का बंटवारा किया जाना है। प्रदेश में एससी, एसटी और महिला वर्ग के आरक्षण का प्रारूप पहले से तय है लेकिन ओबीसी को लेकर संशय बरकरार है। अब आयोग की रिपोर्ट के आधार पर सरकार आरक्षण लागू करती है तो पंचायत और निकाय के चुनाव में इस वर्ग के खाते में कितनी सीटें जाएंगी यह आंकड़ा साफ हो जाएगा।
पंचायत चुनाव पर मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान 27 मार्च को शुरू हुआ था। इसे आयोग 15 मई को खत्म कर रहा है। इस दौरान प्रदेश भर में जितने भी दावे और आपत्तियां सामने आई हैं, उनमें से ज्यादातर का निपटारा कर लिया गया है। जो रह गई हैं उनका 15 मई को पूरी तरह निवारण हो जाएगा। आयोग ने जो जिम्मा उठाया था उसे पूरा कर लिया है। अब रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी। चुनाव कब करवाने हैं यह फैसला सरकार को लेना है। आरक्षण पर भी फैसला करना होगा। इस बारे में सरकार को आयोग ने पत्र लिखा है। -शांतमनु, आयुक्त, चुनाव आयोग