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Srinagar News: सिंध नाले के किनारे कचरे का ढेर, पर्यावरण व सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा
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गांदरबल के सिंध नाले में पड़ा कचरा। संवाद
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- गांदरबल जिले के चेरॉन कंगन इलाके में लोगों में समस्या को लेकर आक्रोश
संवाद न्यूज एजेंसी
गांदरबल। चेरॉन कंगन इलाके के पास सिंध नाले के किनारे लगे कचरे के ढेरों से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। हेन पालपोरा और नुनहामा इलाकों के निवासियों ने कहा कि नाले के किनारे बिना रोक-टोक के कचरा फेंकने से न केवल आसपास का पर्यावरण खराब हुआ है बल्कि पानी भी इस्तेमाल के लायक नहीं रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो इलाके में सार्वजनिक स्वास्थ्य और पारिस्थितिक संतुलन पर लंबे समय तक बुरे नतीजे हो सकते हैं। स्थानीय निवासी बशीर अहमद ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग की ओर से इलाके में कचरा इकट्ठा करने के लिए गाड़ियां लगाने के बावजूद कई लोग सिंध नाले के किनारे कचरा फेंक रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वजह से नदी के किनारे खुले कूड़ेदान बन गए हैं जिससे पानी प्रदूषित हो रहा है और प्राकृतिक सुंदरता खराब हो रही है।
मोहम्मद जलालुद्दीन ने कहा कि कचरा जमा होने से बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते आ गए हैं जिससे पैदल चलने वालों के लिए भी लगातार खतरा बना हुआ है। उनके अनुसार बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए आवाजाही खास तौर पर मुश्किल हो गई है।
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लोगों ने संबंधित अधिकारियों से तुरंत दखल देने की मांग की ताकि नियमित रूप से कचरा इकट्ठा किया जा सके। अवैध रूप से कचरा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और स्थिति और खराब होने से पहले बढ़ते आवारा कुत्तों के खतरे को रोकने के लिए कदम उठाए जाएं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गांदरबल। चेरॉन कंगन इलाके के पास सिंध नाले के किनारे लगे कचरे के ढेरों से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। हेन पालपोरा और नुनहामा इलाकों के निवासियों ने कहा कि नाले के किनारे बिना रोक-टोक के कचरा फेंकने से न केवल आसपास का पर्यावरण खराब हुआ है बल्कि पानी भी इस्तेमाल के लायक नहीं रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो इलाके में सार्वजनिक स्वास्थ्य और पारिस्थितिक संतुलन पर लंबे समय तक बुरे नतीजे हो सकते हैं। स्थानीय निवासी बशीर अहमद ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग की ओर से इलाके में कचरा इकट्ठा करने के लिए गाड़ियां लगाने के बावजूद कई लोग सिंध नाले के किनारे कचरा फेंक रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वजह से नदी के किनारे खुले कूड़ेदान बन गए हैं जिससे पानी प्रदूषित हो रहा है और प्राकृतिक सुंदरता खराब हो रही है।
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मोहम्मद जलालुद्दीन ने कहा कि कचरा जमा होने से बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते आ गए हैं जिससे पैदल चलने वालों के लिए भी लगातार खतरा बना हुआ है। उनके अनुसार बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए आवाजाही खास तौर पर मुश्किल हो गई है।
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लोगों ने संबंधित अधिकारियों से तुरंत दखल देने की मांग की ताकि नियमित रूप से कचरा इकट्ठा किया जा सके। अवैध रूप से कचरा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और स्थिति और खराब होने से पहले बढ़ते आवारा कुत्तों के खतरे को रोकने के लिए कदम उठाए जाएं।