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Srinagar News: हाईकोर्ट ने बाल अधिकार आयोग में नियुक्तियों का रास्ता किया साफ
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। जेएंडके और लद्दाख हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर बाल अधिकार संरक्षण आयोग में नियुक्तियों और नतीजों की घोषणा का रास्ता साफ कर दिया है। कोर्ट ने उस याचिका को बेअसर मानकर खारिज कर दिया जिसकी वजह से चयन प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगी हुई थी।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव कुमार और न्यायमूर्ति मोहम्मद यूसुफ वानी की खंडपीठ ने पाया कि आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के पदों के लिए चयन प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी थी, लेकिन पिछले साल 7 नवंबर को एक अलग रिट याचिका में जारी अंतरिम निर्देशों के कारण नतीजे घोषित नहीं किए जा सके थे।
कोर्ट ने गौर किया कि संबंधित रिट याचिका में याचिकाकर्ता को पहले अंतरिम निर्देशों के तहत इंटरव्यू में शामिल होने की अनुमति दी गई थी। चूंकि याचिकाकर्ता ने मामले को आगे नहीं बढ़ाया, इसलिए याचिका को बेअसर मानकर खारिज कर दिया गया, जिससे अंतरिम आदेश भी खत्म हो गया।
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याचिका खारिज होने के बाद, खंडपीठ ने कहा कि चयन के नतीजे घोषित करने और नियुक्तियां करने में कोई बाधा नहीं है। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नियुक्तियां एक अन्य लंबित रिट याचिका के नतीजे पर निर्भर करेंगी, जैसा कि कोर्ट के पिछले निर्देशों में कहा गया था।
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि उसके सामने पेश किए गए सीलबंद लिफाफे वाले नतीजे सरकारी वकील को लौटा दिए जाएं ताकि चयन प्रक्रिया पूरी की जा सके। कोर्ट ने पक्षों को लंबित याचिकाओं में दलीलें पूरी करने का आदेश दिया और मामले को आगे की सुनवाई के लिए 29 अगस्त को सूचीबद्ध किया।
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श्रीनगर। जेएंडके और लद्दाख हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर बाल अधिकार संरक्षण आयोग में नियुक्तियों और नतीजों की घोषणा का रास्ता साफ कर दिया है। कोर्ट ने उस याचिका को बेअसर मानकर खारिज कर दिया जिसकी वजह से चयन प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगी हुई थी।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव कुमार और न्यायमूर्ति मोहम्मद यूसुफ वानी की खंडपीठ ने पाया कि आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के पदों के लिए चयन प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी थी, लेकिन पिछले साल 7 नवंबर को एक अलग रिट याचिका में जारी अंतरिम निर्देशों के कारण नतीजे घोषित नहीं किए जा सके थे।
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कोर्ट ने गौर किया कि संबंधित रिट याचिका में याचिकाकर्ता को पहले अंतरिम निर्देशों के तहत इंटरव्यू में शामिल होने की अनुमति दी गई थी। चूंकि याचिकाकर्ता ने मामले को आगे नहीं बढ़ाया, इसलिए याचिका को बेअसर मानकर खारिज कर दिया गया, जिससे अंतरिम आदेश भी खत्म हो गया।
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याचिका खारिज होने के बाद, खंडपीठ ने कहा कि चयन के नतीजे घोषित करने और नियुक्तियां करने में कोई बाधा नहीं है। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नियुक्तियां एक अन्य लंबित रिट याचिका के नतीजे पर निर्भर करेंगी, जैसा कि कोर्ट के पिछले निर्देशों में कहा गया था।
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि उसके सामने पेश किए गए सीलबंद लिफाफे वाले नतीजे सरकारी वकील को लौटा दिए जाएं ताकि चयन प्रक्रिया पूरी की जा सके। कोर्ट ने पक्षों को लंबित याचिकाओं में दलीलें पूरी करने का आदेश दिया और मामले को आगे की सुनवाई के लिए 29 अगस्त को सूचीबद्ध किया।