{"_id":"6a345a6bd99261c9cb0d195d","slug":"srinagar-food-processing-lab-unit-start-cuk-satish-sharma-srinagar-news-c-264-1-udh1007-112488-2026-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Srinagar News: सीयूके में अत्याधुनिक फूड प्रोसेसिंग लैब शुरू, मंत्री सतीश शर्मा बोले- युवाओं को मिलेगा रोजगार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Srinagar News: सीयूके में अत्याधुनिक फूड प्रोसेसिंग लैब शुरू, मंत्री सतीश शर्मा बोले- युवाओं को मिलेगा रोजगार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- डिजाइन इनोवेशन सेंटर में लगी आधुनिक मशीनें, स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार
संवाद न्यूज एजेंसी
गांदरबल। जम्मू-कश्मीर सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी और युवा मामलों के मंत्री सतीश शर्मा ने वीरवार को सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर (सीयूके )के ग्रीन कैंपस में डिजाइन इनोवेशन सेंटर (डीआईसी) की अत्याधुनिक फूड प्रोसेसिंग लैब का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में मंत्री ने कहा, इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा।
मंत्री शर्मा ने युवाओं में नवाचार, आत्मनिर्भरता और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए डीआईसी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्थानीय शिल्प को संरक्षित करने और बढ़ाने की केंद्र की पहलों की तारीफ की। डीआईसी द्वारा विकसित इनोवेटिव हस्तशिल्प डिजाइनों को भी सराहा। मंत्री ने कहा यह लैब सीखने और उत्पाद विकास का एक ऐसा मंच है जिससे हमारे स्थानीय समुदायों को सीधा फायदा होगा। आधुनिक उपकरण, तकनीकी विशेषज्ञता और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देकर हम युवाओं को सशक्त बना रहे हैं।
वे स्थानीय उपज में मूल्यवर्धन कर सकेंगे, बाजार के लिए तैयार उत्पाद बना सकेंगे और टिकाऊ आजीविका खड़ी कर सकेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि यह लैब जम्मू-कश्मीर में रोजगार, उद्यम और आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा करेगी। कुलपति ने कहा कि यह लैब सिर्फ एक शैक्षणिक संसाधन नहीं, बल्कि समुदाय-उन्मुख विकास का उत्प्रेरक बनेगी। उन्होंने कहा कि लैब मूल्यवर्धन, उत्पाद प्रोटोटाइपिंग और इनक्यूबेशन गतिविधियों को बढ़ावा देकर आर्थिक सशक्तिकरण में अहम योगदान दे सकती है। ऐसी पहल शैक्षणिक ज्ञान और व्यावहारिक उपयोग के बीच की खाई पाटने के लिए जरूरी हैं। यह आत्मनिर्भर और विकसित भारत के राष्ट्रीय विजन को भी मजबूती देगी।
विज्ञापन
डीआईसी निदेशक ने बताया कि लैब का मकसद नवाचार-संचालित शिक्षा, प्रैक्टिकल स्किल डेवलपमेंट, उत्पाद डिजाइन, उद्यमिता और फूड प्रोसेसिंग में अनुभवजन्य शिक्षा को बढ़ावा देना है। इसमें प्लेनेटरी मिक्सर, डो नीडर, बेकरी ओवन, हॉट एयर ओवन, लैमिनार एयर फ्लो, प्रूफर, रेफ्रिजरेशन यूनिट, प्रिसिजन वेइंग बैलेंस, ट्रे ड्रायर, मफल फर्नेस, रिफ्रैक्टोमीटर, माइक्रोस्कोप, वाटर बाथ और ऑटोक्लेव जैसी आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं।
डीआईसी के संयुक्त निदेशक ने बताया कि पढ़ाने और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के लिए चार योग्य फैकल्टी सदस्य और प्रशिक्षक लगाए गए हैं। लैब के संचालन और रखरखाव के लिए एक समर्पित लैब असिस्टेंट भी है।
इस मौके पर कुलपति प्रो. ए रविंदर नाथ, डीन एकेडमिक अफेयर्स और डीआईसी निदेशक प्रो. शाहिद रसूल, डीन इंटरनेशनल अफेयर्स प्रो. संध्या तिवारी, प्रभारी रजिस्ट्रार प्रो. डीके मदान, वित्त अधिकारी अब्दुल हामिद कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. कैसर जावेद, लाइब्रेरियन डॉ. नजीर अहमद भट, डीआईसी के संयुक्त निदेशक और डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. जावेद अहमद वानी समेत विभागों के प्रमुख, फैकल्टी सदस्य और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गांदरबल। जम्मू-कश्मीर सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी और युवा मामलों के मंत्री सतीश शर्मा ने वीरवार को सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर (सीयूके )के ग्रीन कैंपस में डिजाइन इनोवेशन सेंटर (डीआईसी) की अत्याधुनिक फूड प्रोसेसिंग लैब का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में मंत्री ने कहा, इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा।
मंत्री शर्मा ने युवाओं में नवाचार, आत्मनिर्भरता और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए डीआईसी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्थानीय शिल्प को संरक्षित करने और बढ़ाने की केंद्र की पहलों की तारीफ की। डीआईसी द्वारा विकसित इनोवेटिव हस्तशिल्प डिजाइनों को भी सराहा। मंत्री ने कहा यह लैब सीखने और उत्पाद विकास का एक ऐसा मंच है जिससे हमारे स्थानीय समुदायों को सीधा फायदा होगा। आधुनिक उपकरण, तकनीकी विशेषज्ञता और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देकर हम युवाओं को सशक्त बना रहे हैं।
विज्ञापन
वे स्थानीय उपज में मूल्यवर्धन कर सकेंगे, बाजार के लिए तैयार उत्पाद बना सकेंगे और टिकाऊ आजीविका खड़ी कर सकेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि यह लैब जम्मू-कश्मीर में रोजगार, उद्यम और आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा करेगी। कुलपति ने कहा कि यह लैब सिर्फ एक शैक्षणिक संसाधन नहीं, बल्कि समुदाय-उन्मुख विकास का उत्प्रेरक बनेगी। उन्होंने कहा कि लैब मूल्यवर्धन, उत्पाद प्रोटोटाइपिंग और इनक्यूबेशन गतिविधियों को बढ़ावा देकर आर्थिक सशक्तिकरण में अहम योगदान दे सकती है। ऐसी पहल शैक्षणिक ज्ञान और व्यावहारिक उपयोग के बीच की खाई पाटने के लिए जरूरी हैं। यह आत्मनिर्भर और विकसित भारत के राष्ट्रीय विजन को भी मजबूती देगी।
विज्ञापन
डीआईसी निदेशक ने बताया कि लैब का मकसद नवाचार-संचालित शिक्षा, प्रैक्टिकल स्किल डेवलपमेंट, उत्पाद डिजाइन, उद्यमिता और फूड प्रोसेसिंग में अनुभवजन्य शिक्षा को बढ़ावा देना है। इसमें प्लेनेटरी मिक्सर, डो नीडर, बेकरी ओवन, हॉट एयर ओवन, लैमिनार एयर फ्लो, प्रूफर, रेफ्रिजरेशन यूनिट, प्रिसिजन वेइंग बैलेंस, ट्रे ड्रायर, मफल फर्नेस, रिफ्रैक्टोमीटर, माइक्रोस्कोप, वाटर बाथ और ऑटोक्लेव जैसी आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं।
डीआईसी के संयुक्त निदेशक ने बताया कि पढ़ाने और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के लिए चार योग्य फैकल्टी सदस्य और प्रशिक्षक लगाए गए हैं। लैब के संचालन और रखरखाव के लिए एक समर्पित लैब असिस्टेंट भी है।
इस मौके पर कुलपति प्रो. ए रविंदर नाथ, डीन एकेडमिक अफेयर्स और डीआईसी निदेशक प्रो. शाहिद रसूल, डीन इंटरनेशनल अफेयर्स प्रो. संध्या तिवारी, प्रभारी रजिस्ट्रार प्रो. डीके मदान, वित्त अधिकारी अब्दुल हामिद कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. कैसर जावेद, लाइब्रेरियन डॉ. नजीर अहमद भट, डीआईसी के संयुक्त निदेशक और डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. जावेद अहमद वानी समेत विभागों के प्रमुख, फैकल्टी सदस्य और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।