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श्रमिक बोले-370 हटते वक्त भी ऐसा डर नहीं था, घाटी छोड़ना ही विकल्प
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जम्मू। कश्मीर में दस सालों से काम करने जाता रहता हूं। कश्मीर में हमेशा डर का माहौल रहता है, लेकिन इस बार हालात काफी खराब हैं। 2019 में जब 370 हटा था तब भी ऐसा डर नहीं था जैसा अब है। आज प्रवासी कामगारों को आतंकी अपना निशाना बना रहे हैं, इससे भय ज्यादा बढ़ गया है, परिवार के सदस्य भी चिंतित हैं। सुरक्षा के अभाव में कश्मीर छोड़ना ही एक मात्र विकल्प दिखा। यह कहना है बिहार के सुपौल जिले के मोहम्मद अब्दुल्ला का, जो कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में मिस्त्री का काम करते थे और मंगलवार सुबह सड़क मार्ग से जम्मू पहुंचे हैं।
घाटी के विभिन्न जिलों से प्रवासी कामगारों का जम्मू पहुंचने का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा। मंगलवार को भी हजारों की संख्या में कामगार जम्मू पहुंचे। बिहार के मोहम्मद मुस्ताफ ने कहा कि कश्मीर में कभी भी हालात सामान्य नहीं रहे, लेकिन इस बार काफी बिगड़ गए हैं। पहले प्रवासी कामगारों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाता था, लेकिन अब आतंकी उन्हें निशाना बना रहे हैं। स्थानीय लोग भी वापस जाने को कह रहे हैं। जिस ठेकेदार के पास काम करते थे, उसने पैसे नहीं दिए, लेकिन आश्वासन दिया कि बैंक खाते में भेज देगा। पिछले तीन दिन काफी डर वाले रहे स्थानीय पुलिस ने भी अभी घाटी छोड़ने और हालात सामान्य होने के बाद लौटने के लिए कहा। हम मजदूर हैं काम पर देर रात भी हो जाती है, जब लगातार मजदूरों पर हमले हुए तो खुद को वहां असुरक्षित पा रहे थे, इसलिए फिलहाल लौटने का फैसला लिया।
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घाटी के विभिन्न जिलों से प्रवासी कामगारों का जम्मू पहुंचने का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा। मंगलवार को भी हजारों की संख्या में कामगार जम्मू पहुंचे। बिहार के मोहम्मद मुस्ताफ ने कहा कि कश्मीर में कभी भी हालात सामान्य नहीं रहे, लेकिन इस बार काफी बिगड़ गए हैं। पहले प्रवासी कामगारों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाता था, लेकिन अब आतंकी उन्हें निशाना बना रहे हैं। स्थानीय लोग भी वापस जाने को कह रहे हैं। जिस ठेकेदार के पास काम करते थे, उसने पैसे नहीं दिए, लेकिन आश्वासन दिया कि बैंक खाते में भेज देगा। पिछले तीन दिन काफी डर वाले रहे स्थानीय पुलिस ने भी अभी घाटी छोड़ने और हालात सामान्य होने के बाद लौटने के लिए कहा। हम मजदूर हैं काम पर देर रात भी हो जाती है, जब लगातार मजदूरों पर हमले हुए तो खुद को वहां असुरक्षित पा रहे थे, इसलिए फिलहाल लौटने का फैसला लिया।
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