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Amarnath Yatra 2022: एलजी मनोज सिन्हा बोले- यात्रा संबंधी कार्य 15 जून तक पूर्ण करें, तीर्थ यात्रियों से लिया जाएगा फीडबैक
Sun, 22 May 2022 11:25 AM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Sun, 22 May 2022 11:25 AM IST
सार
उपराज्यपाल ने कहा कि पारिस्थितिकी की रक्षा के लिए प्लास्टिक मुक्त वातावरण को सुनिश्चित बनाने के लिए सभी उचित उपाय और प्रयास किए जाएं। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने पर जोर दिया।
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LG manoj sinha
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन व उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्री अमरनाथ यात्रा 2022 से संबंधित कार्यों को 15 जून तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अनंतनाग और गांदरबल में विशिष्ट कार्यों की नियमित निगरानी को सुनिश्चित बनाया जाए। यात्रा के दौरान निरंतर सेवाएं प्रदान करने के लिए जलशक्ति और बिजली विभागों के पर्याप्त फील्ड कर्मचारी उपलब्ध रहें। तीर्थ यात्रियों को सर्वोत्तम सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। उपराज्यपाल ने शनिवार को राजभवन में श्राइन बोर्ड, उपायुक्तों और एसएसपी के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की।
उपराज्यपाल ने कहा कि पारिस्थितिकी की रक्षा के लिए प्लास्टिक मुक्त वातावरण को सुनिश्चित बनाने के लिए सभी उचित उपाय और प्रयास किए जाएं। उन्होंने पेयजल, तीर्थयात्रियों की आवाजाही, यात्रा मार्गों पर आरआईएफडी ट्रैकिंग, लंगर स्टाल, पोनी मूवमेंट, हेलीकाप्टर सेवा सहित अन्य व्यवस्थाओं पर चर्चा की। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने अधिकारियों से यात्रा के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। अमरनाथ यात्रा का जम्मू कश्मीर की अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव रहता है। उन्होंने उपायुक्तों को स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया। तीर्थ यात्रियों के लिए राजमार्गों के साथ सार्वजनिक उपयोगिताओं की कार्यक्षमता को बढ़ाया जाए। यात्रा को सुगम बनाने के लिए स्वागत बोर्ड और संकेत स्थापित किए जाएं।
संबंधित अधिकारी अपने जिलों में यात्रा की व्यवस्था के लिए पीआरआई (पंचायती राज संस्थानों के सदस्य) सदस्यों की सेवाएं लें। यात्रा के लिए आने वाले तीर्थ यात्रियों से फीडबैक लिया जाए। आगामी 30 जून से शुरू हो रही श्री अमरनाथ यात्रा के लिए प्रदेशभर में तैयारियां तेज की गई हैं। इस बार रिकार्ड यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए पड़ाव स्थलों का विस्तार किया जा रहा है। रामबन के चंद्रकोट और श्रीनगर में अतिरिक्त यात्रियों को ठहराने की व्यवस्था की जा रही है। देशभर की बैंक शाखाओं में अग्रिम यात्री पंजीकरण प्रक्रिया जारी है। अब तक दो लाख से अधिक यात्री पंजीकृत हो चुके हैं।
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उपराज्यपाल ने कहा कि पारिस्थितिकी की रक्षा के लिए प्लास्टिक मुक्त वातावरण को सुनिश्चित बनाने के लिए सभी उचित उपाय और प्रयास किए जाएं। उन्होंने पेयजल, तीर्थयात्रियों की आवाजाही, यात्रा मार्गों पर आरआईएफडी ट्रैकिंग, लंगर स्टाल, पोनी मूवमेंट, हेलीकाप्टर सेवा सहित अन्य व्यवस्थाओं पर चर्चा की। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने अधिकारियों से यात्रा के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। अमरनाथ यात्रा का जम्मू कश्मीर की अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव रहता है। उन्होंने उपायुक्तों को स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया। तीर्थ यात्रियों के लिए राजमार्गों के साथ सार्वजनिक उपयोगिताओं की कार्यक्षमता को बढ़ाया जाए। यात्रा को सुगम बनाने के लिए स्वागत बोर्ड और संकेत स्थापित किए जाएं।
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संबंधित अधिकारी अपने जिलों में यात्रा की व्यवस्था के लिए पीआरआई (पंचायती राज संस्थानों के सदस्य) सदस्यों की सेवाएं लें। यात्रा के लिए आने वाले तीर्थ यात्रियों से फीडबैक लिया जाए। आगामी 30 जून से शुरू हो रही श्री अमरनाथ यात्रा के लिए प्रदेशभर में तैयारियां तेज की गई हैं। इस बार रिकार्ड यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए पड़ाव स्थलों का विस्तार किया जा रहा है। रामबन के चंद्रकोट और श्रीनगर में अतिरिक्त यात्रियों को ठहराने की व्यवस्था की जा रही है। देशभर की बैंक शाखाओं में अग्रिम यात्री पंजीकरण प्रक्रिया जारी है। अब तक दो लाख से अधिक यात्री पंजीकृत हो चुके हैं।
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