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लेह: बाहर माइनस 30 डिग्री तापमान, अंदर आराम से रहेंगे जवान, बनाया अनोखा घर
Mon, 01 Aug 2022 01:31 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/लेह
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/लेह
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Mon, 01 Aug 2022 01:31 PM IST
सार
कारगिल युद्ध स्मारक स्थल के पास सैनिकों के लिए विशेष घर हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स लद्दाख (हियाल) ने तैयार किया है। कारगिल विजय दिवस पर इस घर को सेना को समर्पित किया गया है।
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Leh
- फोटो : संवाद
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विस्तार
दुनिया के दूसरे सबसे ठंडे आबादी वाले क्षेत्र द्रास में पारा माइनस 30 डिग्री भी चला जाए तो इस घर के भीतर का न्यूनतम तापमान 15 डिग्री बना रहेगा। कारगिल युद्ध स्मारक स्थल के पास सैनिकों के लिए यह घर हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स लद्दाख (हियाल) ने तैयार किया है। कारगिल विजय दिवस पर इस घर को सेना को समर्पित किया गया है।
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10 सैनिकों के रहने की क्षमता वाले घर को इसके निर्माण में इस्तेमाल तकनीक ठंड से बचाती है। पंजाब से लाई गई पराली को काटकर भूसा बनाया गया, जिसके बाद लद्दाख की मिट्टी से मिलाकर भूसा-मिट्टी की ईंटें बनाई गईं। इन ईंटों के अलावा ऑटोक्लेव्ड एरेटेड कंक्रीट ब्लॉक (एएसी) में भूसा भरकर घर तैयार किया गया है। इस तकनीक से माइनस 30 डिग्री तापमान की ठंड में भी भीतर का तापमान सहज रहता है। इस तकनीक को थ्री इडियट्स फिल्म में रेंचो किरदार की प्रेरणा सोनम वांगचुक ने तैयार किया है।
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सोनम के संस्थान हियाल और नागपुर आधारित लोकमत समूह ने इस घर को युद्ध स्मारक स्थल पर ड्यूटी देने वाले जवानों के लिए तैयार किया है। हियाल के मुख्य संचालन अधिकारी तन्मय मुखर्जी ने बताया कि पंजाब से लाई गई पराली और लद्दाख की मिट्टी से तैयार ईंटों से तैयार एक मंजिला घर युद्ध स्मारक परिसर में बनाया गया है, जिसमें दस जवान रह सकते हैं।
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रिकॉर्ड एक माह में पूरा किया काम
युद्ध स्मारक परिसर में घर का निर्माण रिकॉर्ड एक माह के समय में पूरा किया गया। इस घर को पूरी तरह से सौर ऊर्जा पर निर्भर बनाया गया है। एक अध्ययन के अनुसार लद्दाख में साल भर के दौरान 320 दिन धूप रहती है। ऐसे में सौर ऊर्जा का पर्याप्त दोहन किया जा सकता है।