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Srinagar News: मुख्यमंत्री ने शहीद सैनिकों को दी श्रद्धांजलि, विरासत का किया सम्मान
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श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को श्रीनगर में जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंटल सेंटर के 78वें स्थापना दिवस समारोह में भाग लिया। नए सिरे से बने युद्ध स्मारक को देश को समर्पित किया। यह कार्यक्रम रेजिमेंटल सेंटर में आयोजित किया गया था। उन्होंने बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
इस समारोह में डॉ. फारूक अब्दुल्ला, कर्नल लेफ्टिनेंट जनरल मनीष एरी, मेजर जनरल सौरभ शर्मा, मेजर जनरल अभिजीत मित्रा, ब्रिगेडियर वेद बेनीवाल और रेजिमेंट के अधिकारी शामिल थे।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट, जो भारतीय सेना की सबसे अधिक सम्मानित रेजिमेंटों में से एक है, का शौर्य और बलिदान का एक समृद्ध इतिहास रहा है। 1947 के संघर्ष के दौरान गठित जम्मू-कश्मीर मिलिशिया से निकली इस रेजिमेंट ने 1965 और 1971 के युद्ध, सियाचिन में ऑपरेशन मेघदूत और कारगिल संघर्ष के दौरान ऑपरेशन विजय सहित कई बड़े सैन्य अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस रेजिमेंटल सेंटर को अपने बेहतरीन प्रशिक्षण मानकों और अनुशासित तथा समर्पित सैनिकों की एक नई पीढ़ी तैयार करने में दिए गए योगदान के लिए भी विशेष पहचान मिली है।
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इस समारोह में डॉ. फारूक अब्दुल्ला, कर्नल लेफ्टिनेंट जनरल मनीष एरी, मेजर जनरल सौरभ शर्मा, मेजर जनरल अभिजीत मित्रा, ब्रिगेडियर वेद बेनीवाल और रेजिमेंट के अधिकारी शामिल थे।
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कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट, जो भारतीय सेना की सबसे अधिक सम्मानित रेजिमेंटों में से एक है, का शौर्य और बलिदान का एक समृद्ध इतिहास रहा है। 1947 के संघर्ष के दौरान गठित जम्मू-कश्मीर मिलिशिया से निकली इस रेजिमेंट ने 1965 और 1971 के युद्ध, सियाचिन में ऑपरेशन मेघदूत और कारगिल संघर्ष के दौरान ऑपरेशन विजय सहित कई बड़े सैन्य अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस रेजिमेंटल सेंटर को अपने बेहतरीन प्रशिक्षण मानकों और अनुशासित तथा समर्पित सैनिकों की एक नई पीढ़ी तैयार करने में दिए गए योगदान के लिए भी विशेष पहचान मिली है।
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