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उत्तरी कमान ने रणनीतिक संगोष्ठी करवाई
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उत्तरी कमान ने श्रीनगर में दो दिवसीय सामरिक संगोष्ठी करवाई
श्रीनगर। सैन्य कमांडरों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से दो दिवसीय रणनीतिक संगोष्ठी करवाई गई।
इसकी अध्यक्षता लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने की। इसमें रक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने युद्ध की उभरती रूपरेखाओं और इसकी अभिव्यक्तियों के मुख्य पहलुओं पर विचार साझा किए।
उत्तरी कमान युद्ध के विभिन्न स्तरों और शैलियों की जीवंत वास्तविकता के साथ ‘ढाई मोर्चों’ की अनूठी चुनौती का सामना करता है। युद्ध की वर्तमान पीढ़ी में सशस्त्र बलों को एस्केलेटरी मैट्रिक्स पर स्पष्ट दृष्टि से प्रतिक्रिया करनी होती है और इसलिए प्रतिक्रिया उन गतिविधियों की एक विस्तृत श्रृंखला में प्रकट हो सकती है, जिन्हें परंपरागत रूप से सैन्य साधनों के दायरे से बाहर माना जाता था। संगोष्ठी ने निर्णय लेने में नागरिक सैन्य संयुक्तता के मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
व्यापक समझ विकसित करने और कार्रवाई के तार्किक मार्ग पर पहुंचने के लिए नेतृत्व ने सभी स्तरों पर कई मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। उत्तरी कमान प्रमुख ले. जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने विस्तृत विश्लेषण के बाद अपने विचारों को तैयार करने के लिए प्रख्यात वक्ताओं को बधाई दी। उन्होंने व्यापक राष्ट्रीय शक्ति के हिस्से के रूप में सुसंगत तरीके से सैन्य शक्ति के उपयोग के लिए अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत करने के लिए वक्ताओं की सराहना की। ब्यूरो
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श्रीनगर। सैन्य कमांडरों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से दो दिवसीय रणनीतिक संगोष्ठी करवाई गई।
इसकी अध्यक्षता लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने की। इसमें रक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने युद्ध की उभरती रूपरेखाओं और इसकी अभिव्यक्तियों के मुख्य पहलुओं पर विचार साझा किए।
उत्तरी कमान युद्ध के विभिन्न स्तरों और शैलियों की जीवंत वास्तविकता के साथ ‘ढाई मोर्चों’ की अनूठी चुनौती का सामना करता है। युद्ध की वर्तमान पीढ़ी में सशस्त्र बलों को एस्केलेटरी मैट्रिक्स पर स्पष्ट दृष्टि से प्रतिक्रिया करनी होती है और इसलिए प्रतिक्रिया उन गतिविधियों की एक विस्तृत श्रृंखला में प्रकट हो सकती है, जिन्हें परंपरागत रूप से सैन्य साधनों के दायरे से बाहर माना जाता था। संगोष्ठी ने निर्णय लेने में नागरिक सैन्य संयुक्तता के मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
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व्यापक समझ विकसित करने और कार्रवाई के तार्किक मार्ग पर पहुंचने के लिए नेतृत्व ने सभी स्तरों पर कई मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। उत्तरी कमान प्रमुख ले. जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने विस्तृत विश्लेषण के बाद अपने विचारों को तैयार करने के लिए प्रख्यात वक्ताओं को बधाई दी। उन्होंने व्यापक राष्ट्रीय शक्ति के हिस्से के रूप में सुसंगत तरीके से सैन्य शक्ति के उपयोग के लिए अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत करने के लिए वक्ताओं की सराहना की। ब्यूरो
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