{"_id":"631f9bbcac9c514fce087e44","slug":"jammu-kashmir-news-shrinagar-news-jmu267854217","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदेश में नई फिल्म पॉलिसी लागू होने के बाद से करीब 500 फिल्म निर्माताओं ने दिए आवेदन, 150 से अधिक को दी जा चुकी है अनुमति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदेश में नई फिल्म पॉलिसी लागू होने के बाद से करीब 500 फिल्म निर्माताओं ने दिए आवेदन, 150 से अधिक को दी जा चुकी है अनुमति
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श्रीनगर। धरती का स्वर्ग कहलाए जाने वाली वादी-ए-कश्मीर 90 के दशक तक आतंकवाद के शुरू होने से पहले बॉलीवुड फिल्म जगत के लिए पहली पसंद हुआ करता था। विदेश का रुख करने के बजाय फिल्म निर्माता शूटिंग के लिए कश्मीर का रुख किया करते थे। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिला बल्कि यहां के स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा हुए, लेकिन आतंकवाद शुरू होने के बाद यहां फिल्मों की शूटिंग न के बराबर रह गई थी।
प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में कुछ समय पहले लागू की गई नई फिल्म नीति ने बॉलीवुड के लिए प्रदेश में शूटिंग की औचारिकताओं को आसान बना दिया है जिसके चलते काफी संख्या में फिल्म निर्माताओं ने कश्मीर का रुख करना शुरू किया है। जानकारी के अनुसार नई फिल्म नीति लागू होने के बाद जम्मू-कश्मीर सरकार को घाटी में शूटिंग की अनुमति के लिए देश भर के फिल्म निर्माताओं से 500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। सरकार द्वारा अब तक 150 से अधिक फिल्म क्रू को अनुमति दे दी गई है।
पर्यटन विभाग के सचिव सरमद हफ़ीज के अनुसार हाल ही में एलजी सरकार ने एक कदम उठाया जिसमें हमने एक नई फ़िल्म नीति बनाई जिसके चलते कई इंसेंटिव दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम प्रदान किया जा रहा है। हमें इससे शानदार प्रतिक्रिया मिली है। हफ़ीज ने कहा कि यहां कई फिल्मों की शूटिंग हो रही है, अभी तक लगभग 150 फिल्म क्रू को अनुमति दी गई है।
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उन्होंने कहा इसमें सिर्फ बॉलीवुड से ही नहीं बल्कि साउथ और दूसरे प्लेटफार्म से भी फिल्म इकाइयां आई हैं। हफ़ीज ने कहा कि यहां की ख़ूबसूरती के साथ साथ यहां के लोग भी फिल्म इकाइयों को बहुत सहयोग दे रहे हैं। मुझे यकीन है कि यहां शूटिंग करने वाली फिल्म इकाइयों के आने से नए रास्ते खुलेंगे और पर्यटन को बहुत फायदा होगा।
नई फिल्म नीति के तहत जम्मू-कश्मीर सरकार ने अनुमति प्रणाली को पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट (पीजीएसए) के तहत रखा है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन को 30 दिनों के निर्धारित समय के भीतर फिल्म निर्माताओं को अनुमति देनी होगी। निर्माताओं के लिए इसे आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो अनुमति सिस्टम भी लगाया गया है। फिल्म निर्माता अनुमति के लिए ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। सरकार इन फिल्म निर्माताओं को घाटी में विभिन्न स्थानों पर शूटिंग के लिए प्रोत्साहन भी प्रदान कर रही है। घाटी के स्थानीय फिल्म निर्माता खुश हैं कि कश्मीर में फ़िल्म उद्योग लोट रहा है और स्थानीय कलाकारों को भी इन परियोजनाओं में काम करने का मौका मिलेगा।
सिंगल विंडो सिस्टम से ने राह आसान की
वहीं कश्मीर एक बड़े लाइन प्रोडक्शन हाउस - केजे प्रोडक्शंस के मालिक खावर जमशीद ने बताया कि पहले भी यहां बॉलीवुड आता रहा है और कश्मीर का बॉलीवुड के साथ एक पुराना नाता रहा है, लेकिन इस साल से साउथ के कुछ बड़े बैनर ने भी कश्मीर का रुख शूटिंग के लिए लिया है। खावर ने कहा कि बाकी राज्यों की तरह कश्मीर में नई फिल्म नीति के तहत ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ के लागू होने से अब बहुत आसानी हुई है। एक ही जगह पर मंजूरी के लिए आवेदन करना पड़ता है और सभी क्लीयरेंस एक ही जगह से मिल जाती हैं।
उन्होंने कहा कि इस सिस्टम के लागू होने से सब कुछ स्ट्रीमलाइन हुआ है। और अगर इस साल अब तक के शूट की बात करें तो उनके प्रोडक्शन हाउस ने 6-7 बड़े प्रोजेक्ट अब तक किए हैं और करीब हर महीने ही कोई न कोई प्रोजेक्ट आ ही रहा है। खावर ने उम्मीद जताई कि यह सब काम ऐसे ही चलता रहे क्योंकि कई स्थानीय लोग इस इंडस्ट्री के साथ जुड़े हुए हैं जिन्हे रोजगार मिलता है।
शूटिंग के लिए मंजूरी स्वागत योग्य कदम
इस बीच एक अन्य कश्मीर फिल्म निर्माता मुश्ताक अली ने कहा कि एक कश्मीरी फिल्म निर्माता होने के नाते, मैं यह जानकर बहुत उत्साहित हूं कि कश्मीर में 150 फिल्मों की शूटिंग के लिए मंजूरी दी गई है। यह स्वागत योग्य कदम है। भारतीय फिल्म उद्योग के कश्मीर घाटी में लौटने के साथ, इस महीने कश्मीर घाटी में पहला मल्टीप्लेक्स भी खुलने जा रहा है। 1990 के दशक की शुरुआत में ही जब आतंकवाद बढ़ गया था तो घाटी में सिनेमाघर बंद कर दिए गए थे और तीन दशकों से अधिक के अंतराल के बाद एक मल्टीप्लेक्स अब खुल रहा है।
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प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में कुछ समय पहले लागू की गई नई फिल्म नीति ने बॉलीवुड के लिए प्रदेश में शूटिंग की औचारिकताओं को आसान बना दिया है जिसके चलते काफी संख्या में फिल्म निर्माताओं ने कश्मीर का रुख करना शुरू किया है। जानकारी के अनुसार नई फिल्म नीति लागू होने के बाद जम्मू-कश्मीर सरकार को घाटी में शूटिंग की अनुमति के लिए देश भर के फिल्म निर्माताओं से 500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। सरकार द्वारा अब तक 150 से अधिक फिल्म क्रू को अनुमति दे दी गई है।
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पर्यटन विभाग के सचिव सरमद हफ़ीज के अनुसार हाल ही में एलजी सरकार ने एक कदम उठाया जिसमें हमने एक नई फ़िल्म नीति बनाई जिसके चलते कई इंसेंटिव दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम प्रदान किया जा रहा है। हमें इससे शानदार प्रतिक्रिया मिली है। हफ़ीज ने कहा कि यहां कई फिल्मों की शूटिंग हो रही है, अभी तक लगभग 150 फिल्म क्रू को अनुमति दी गई है।
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उन्होंने कहा इसमें सिर्फ बॉलीवुड से ही नहीं बल्कि साउथ और दूसरे प्लेटफार्म से भी फिल्म इकाइयां आई हैं। हफ़ीज ने कहा कि यहां की ख़ूबसूरती के साथ साथ यहां के लोग भी फिल्म इकाइयों को बहुत सहयोग दे रहे हैं। मुझे यकीन है कि यहां शूटिंग करने वाली फिल्म इकाइयों के आने से नए रास्ते खुलेंगे और पर्यटन को बहुत फायदा होगा।
नई फिल्म नीति के तहत जम्मू-कश्मीर सरकार ने अनुमति प्रणाली को पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट (पीजीएसए) के तहत रखा है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन को 30 दिनों के निर्धारित समय के भीतर फिल्म निर्माताओं को अनुमति देनी होगी। निर्माताओं के लिए इसे आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो अनुमति सिस्टम भी लगाया गया है। फिल्म निर्माता अनुमति के लिए ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। सरकार इन फिल्म निर्माताओं को घाटी में विभिन्न स्थानों पर शूटिंग के लिए प्रोत्साहन भी प्रदान कर रही है। घाटी के स्थानीय फिल्म निर्माता खुश हैं कि कश्मीर में फ़िल्म उद्योग लोट रहा है और स्थानीय कलाकारों को भी इन परियोजनाओं में काम करने का मौका मिलेगा।
सिंगल विंडो सिस्टम से ने राह आसान की
वहीं कश्मीर एक बड़े लाइन प्रोडक्शन हाउस - केजे प्रोडक्शंस के मालिक खावर जमशीद ने बताया कि पहले भी यहां बॉलीवुड आता रहा है और कश्मीर का बॉलीवुड के साथ एक पुराना नाता रहा है, लेकिन इस साल से साउथ के कुछ बड़े बैनर ने भी कश्मीर का रुख शूटिंग के लिए लिया है। खावर ने कहा कि बाकी राज्यों की तरह कश्मीर में नई फिल्म नीति के तहत ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ के लागू होने से अब बहुत आसानी हुई है। एक ही जगह पर मंजूरी के लिए आवेदन करना पड़ता है और सभी क्लीयरेंस एक ही जगह से मिल जाती हैं।
उन्होंने कहा कि इस सिस्टम के लागू होने से सब कुछ स्ट्रीमलाइन हुआ है। और अगर इस साल अब तक के शूट की बात करें तो उनके प्रोडक्शन हाउस ने 6-7 बड़े प्रोजेक्ट अब तक किए हैं और करीब हर महीने ही कोई न कोई प्रोजेक्ट आ ही रहा है। खावर ने उम्मीद जताई कि यह सब काम ऐसे ही चलता रहे क्योंकि कई स्थानीय लोग इस इंडस्ट्री के साथ जुड़े हुए हैं जिन्हे रोजगार मिलता है।
शूटिंग के लिए मंजूरी स्वागत योग्य कदम
इस बीच एक अन्य कश्मीर फिल्म निर्माता मुश्ताक अली ने कहा कि एक कश्मीरी फिल्म निर्माता होने के नाते, मैं यह जानकर बहुत उत्साहित हूं कि कश्मीर में 150 फिल्मों की शूटिंग के लिए मंजूरी दी गई है। यह स्वागत योग्य कदम है। भारतीय फिल्म उद्योग के कश्मीर घाटी में लौटने के साथ, इस महीने कश्मीर घाटी में पहला मल्टीप्लेक्स भी खुलने जा रहा है। 1990 के दशक की शुरुआत में ही जब आतंकवाद बढ़ गया था तो घाटी में सिनेमाघर बंद कर दिए गए थे और तीन दशकों से अधिक के अंतराल के बाद एक मल्टीप्लेक्स अब खुल रहा है।