फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Srinagar News ›   jammu kashmir news

पीएसए की वैधता पर आपत्ति के लिए सरकार को एक माह का समय

विज्ञापन
jammu kashmir news
श्रीनगर। जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने सरकार को आपत्ति दर्ज कराने के लिए एक माह का समय दिया है। वरिष्ठ एडवोकेट सैयद तसद्दुक हुसैन ने 2019 में जनहित याचिका दायर कर पीएसए की वैधता पर सवाल उठाते हुए इस अधिनियम को खारिज करने की मांग की थी।
विज्ञापन

मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायाधीश वसीम सादिक नरगल ने वीरवार को सुनवाई के दौरान सरकार को एक माह का समय दिया। साथ ही 27 अक्तूबर को अगली सुनवाई तय कर दी।
विज्ञापन

याचिका में कहा गया है कि पीएसए के प्रावधान भारतीय संविधान के 44वें संशोधन के विपरीत हैं। इसकी धारा 8 को गैर कानूनी करार दिया जाना चाहिए क्योंकि बंदी आदेश को आरोपी की सुनवाई किए बिना जारी नहीं किया जा सकता। इसी तरह से मंडलायुक्त और जिला मजिस्ट्रेट के पास किसी को बंदी बनाने के आदेश के अधिकार नहीं हो सकते। वहीं जम्मू-कश्मीर के महाधिवक्ता डीसी रैना ने पिछली सुनवाई में कहा था कि पीएसए भारतीय संविधान के अनुरूप है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद संविधा का अनुच्छेद 22 स्वत: ही प्रदेश में लागू हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed