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स्विस नागरिक की मौत ने खड़े किए कई सवाल
Sri nagar
Updated Sun, 26 Jan 2014 05:49 AM IST
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श्रीनगर। गुलमर्ग पर्यटन स्थल पर बर्फ पर स्कीइंग करने के दौरान एक विदेशी नागरिक की मौत ने कई सवाल खड़े किए हैं। कश्मीर में बर्फबारी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। ऐसे विदेशी सैलानी की मौत ने राज्य सरकार के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है। कश्मीर के गुलमर्ग इलाके में बर्फबारी के दौरान हिमस्खलन का खतरा हमेशा बना रहता है। लेकिन यह कश्मीर के पर्यटन उद्योग की रीढ़ भी है। मौसम गर्म हो अथवा सर्द स्थानीय तथा विदेशी पर्यटकों का जमावड़ा यहां देखने को मिलता है। बर्फ पर विभिन्न प्रकार की खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित होती रहती हैं। ऐसे ही खेल का आनंद लेने के लिए स्विट्जरलैंड का दल यहां पहुंचा था और शुक्रवार दोपहर बर्फीले तोंदों की चपेट में आने पर एक सदस्य ने दम तोड़ दिया। घटना को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार मामले की जांच के हुक्म पहले ही दे चुके हैं। बारामूला के जिला मजिस्ट्रेट को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए पांच दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है।
गुलमर्ग पर्यटन स्थल पर ताेंदों की चपेट में आकर किसी के मरने की यह पहली घटना नहीं है। सैनिक तथा अन्य नागरिक भी इसका शिकार होते रहे हैं। दरअसल, यह घटना का उस समय घटना जब कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने का भरसक प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में यह सरकार के लिए सोचने का विषय है। पर्यटन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि ऐसा नहीं है कि पर्यटन विभाग गुलमर्ग आने वाले मेहमानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कई कदम उठा गए हैं। हिमस्खलन का मुकाबला करने को विदेशी विशेषज्ञ के अधीन दल वहां तैनात है। बर्फ के तोंदे गिरने की आशंका होते ही ब्लास्ट कर उनको गिरा दिया जाता है ताकि किसी संभावित दुघर्टना को रोका जा सके। इन दावों के बावजूद स्विट्जरलैंड से आए दल का गुलमर्ग से कई किमी दूर प्रतिबंधित इलाके में पहुंचना कई सवाल खड़े करता है।
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गुलमर्ग पर्यटन स्थल पर ताेंदों की चपेट में आकर किसी के मरने की यह पहली घटना नहीं है। सैनिक तथा अन्य नागरिक भी इसका शिकार होते रहे हैं। दरअसल, यह घटना का उस समय घटना जब कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने का भरसक प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में यह सरकार के लिए सोचने का विषय है। पर्यटन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि ऐसा नहीं है कि पर्यटन विभाग गुलमर्ग आने वाले मेहमानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कई कदम उठा गए हैं। हिमस्खलन का मुकाबला करने को विदेशी विशेषज्ञ के अधीन दल वहां तैनात है। बर्फ के तोंदे गिरने की आशंका होते ही ब्लास्ट कर उनको गिरा दिया जाता है ताकि किसी संभावित दुघर्टना को रोका जा सके। इन दावों के बावजूद स्विट्जरलैंड से आए दल का गुलमर्ग से कई किमी दूर प्रतिबंधित इलाके में पहुंचना कई सवाल खड़े करता है।
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