अलगाववादी रच रहे हैं घाटी का माहौल बिगाड़ने की साजिश
- एनआईटी विवाद के बाद गैर कश्मीरी छात्रों को मिले समर्थन से बौखलाए अलगाववादी
- उपमुख्यमंत्री बोले, हंदवाड़ा प्रकरण पर है पैनी नजर, किसी को माहौल बिगाड़ने की इजाजत नहीं
विस्तार
अलगाववादियों ने एक बार फिर घाटी का माहौल बिगाड़ने की साजिश रची है। इसके लिए हंदवाड़ा में सेना को निशाना बनाया गया। एनआईटी विवाद के बाद देशभर में गैर कश्मीरी छात्रों को मिले समर्थन से बौखलाए अलगाववादियों ने सेना के खिलाफ कश्मीरियों को भड़काकर उन्हें एकजुट करने की कोशिश की है ताकि इस प्रकार की गतिविधियों को यहां दबाया जा सके।
रियासत के डिप्टी सीएम डॉ. निर्मल सिंह का कहना है कि सरकार हंदवाड़ा प्रकरण पर बारीकी से नजर रखे हुए है। घटना की जांच कराई जा रही है। किसी भी हालत में अलगाववादी हों या फिर कोई और कानून व्यवस्था को हाथ में लेने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी।
जिस प्रकार से अचानक सारा घटनाक्रम हुआ और जिस लड़की के साथ छेड़खानी की आड़ में सेना के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हुए उसेे सोची समझी साजिश का हिस्सा बताया जा रहा है।
किसी भी हालत में अलगाववाद से समझौता नहीं किया जाएगा
रियासत में बनी नई सरकार और केंद्र की सरकार ने भी साफ शब्दों में यह संकेत दिया है कि किसी भी हालत में अलगाववाद से समझौता नहीं किया जाएगा। हर हाल में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ कानून के दायरे में कार्रवाई की जाएगी।
जानकारों का कहना है कि इससे बौखलाए अलगाववादियों के इशारे पर ही सेना को निशाना बनाया गया। साथ ही तिरंगे को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। बताया जाता है कि हर बार अलगाववादी अमरनाथ यात्रा के दौरान घाटी में माहौल को अशांत करने की कोशिश करते हैं। इसके पीछे मकसद होता है कि कम से कम श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन को पहुंचें।