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Rajouri News: खुले आसमान तले चलती हैं कक्षाएं, बारिश आने पर करनी पड़ती छुट्टी
Thu, 05 Dec 2024 02:08 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
Updated Thu, 05 Dec 2024 02:08 AM IST
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खुले आसमान तले पढ़ाई करते विद्यार्थी। संवाद
- फोटो : rajauri
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राजोरी। जिले के नियंत्रण रेखा से सटे पंजगराईं क्षेत्र में सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल में 350 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। मगर स्कूल में भवन पूरा न होने के कारण बच्चों को अक्सर खुले आसमान के नीचे छत पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। बारिश आने पर छुट्टी दे दी जाती है।
जानकारी के अनुसार 6 साल पहले इस स्कूल को अपग्रेड करके हाई स्कूल से हायर सेकेंडरी स्कूल बनाया गया था। मगर हायर सेकेंडरी स्कूल बनाने के बाद इसमें मूलभूत सुविधाएं पूरी नहीं की गई। स्कूल में न तो पूरा स्टाफ दिया गया और न ही नया भवन बनाकर कमरों की समस्या का समाधान किया गया।
स्कूल के 6 कमरों में प्रिंसिपल कार्यालय हैं। मिड-डे मील बनता है और उन्हीं में 12 कक्षाओं के 350 बच्चों के बैठने का प्रबंध है। आलम यह है कि स्कूल की चार कक्षाओं को छत पर खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ाई करनी पढ़ती है। स्कूल में तैनात शिक्षक ने बताया कि भवन की कमी के कारण बारी-बारी कक्षाओं के बच्चों को छत पर बिठाना पड़ता है। बारिश होने पर कुछ कक्षाओं को मजबूरी में छुट्टी करनी पड़ती है। इससे बच्चों का काफी नुकसान होता है। उन्हाेंने बताया कि हायर सेकेंडरी स्कूल सिर्फ नाम का है, वहां न साइंस लैब है और न ही पुस्तकालय है। बच्चों को प्रैक्टिकल के लिए भी जुगाड़ करना पड़ता है और ऐसे में बच्चे वो सब कुछ सही प्रकार से नहीं सीख पाते हैं जो उनका अधिकार है। इतना ही नहीं स्कूल में खेल का मैदान भी नहीं है। वहीं, इस संबंध में शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नए भवन का काम शुरू हुआ था, लेकिन बीच में फंड्स की कमी के कारण काम बंद हो गया था। मगर अब फंड्स जारी होने पर शुरू किया जाएगा।
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जानकारी के अनुसार 6 साल पहले इस स्कूल को अपग्रेड करके हाई स्कूल से हायर सेकेंडरी स्कूल बनाया गया था। मगर हायर सेकेंडरी स्कूल बनाने के बाद इसमें मूलभूत सुविधाएं पूरी नहीं की गई। स्कूल में न तो पूरा स्टाफ दिया गया और न ही नया भवन बनाकर कमरों की समस्या का समाधान किया गया।
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स्कूल के 6 कमरों में प्रिंसिपल कार्यालय हैं। मिड-डे मील बनता है और उन्हीं में 12 कक्षाओं के 350 बच्चों के बैठने का प्रबंध है। आलम यह है कि स्कूल की चार कक्षाओं को छत पर खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ाई करनी पढ़ती है। स्कूल में तैनात शिक्षक ने बताया कि भवन की कमी के कारण बारी-बारी कक्षाओं के बच्चों को छत पर बिठाना पड़ता है। बारिश होने पर कुछ कक्षाओं को मजबूरी में छुट्टी करनी पड़ती है। इससे बच्चों का काफी नुकसान होता है। उन्हाेंने बताया कि हायर सेकेंडरी स्कूल सिर्फ नाम का है, वहां न साइंस लैब है और न ही पुस्तकालय है। बच्चों को प्रैक्टिकल के लिए भी जुगाड़ करना पड़ता है और ऐसे में बच्चे वो सब कुछ सही प्रकार से नहीं सीख पाते हैं जो उनका अधिकार है। इतना ही नहीं स्कूल में खेल का मैदान भी नहीं है। वहीं, इस संबंध में शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नए भवन का काम शुरू हुआ था, लेकिन बीच में फंड्स की कमी के कारण काम बंद हो गया था। मगर अब फंड्स जारी होने पर शुरू किया जाएगा।
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