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सरकारी राशन की किल्लत पर प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, राजोरी
Updated Wed, 14 Jan 2015 01:31 AM IST
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थन्नामंडी क्षेत्र में लोगों ने मंगलवार को सरकारी राशन की किल्लत पर प्रदर्शन किया। सीएपीडी विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और सरकारी राशन की कालाबाजारी का आरोप लगाया।
लोगों ने जल्द राशन मुहैया करवाने की मांग करते हुए उग्र प्रदर्शन की चेतावनी भी दी। स्थानीय निवासी शौकत शाल ने बताया कि सीएपीडी विभाग के कर्मचारी सरकारी राशन की कालाबाजारी कर रहे हैं और आम जनता को राम भरोसे छोड़ दिया गया है।
क्षेत्र में पिछले तीन माह से लोगों को कोटे अनुसार आटा, चावल और मिट्टी का तेल नहीं मिला है। इतना ही नहीं बीपीएल परिवारों को भी सरकारी राशन नहीं मिल रहा है। इस अवसर पर मनयाल गली के सरपंच हाजी बशीर ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को सरकारी राशन की भारी किल्लत से जूूझना पड़ रहा है।
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सितंबर माह में बाढ़ के बाद राज्य के पूर्व मुख्य मंत्री ने सभी पीड़ित परिवारों को छह माह का मुफ्त राशन देने की घोषणा की थी। अभी तक कई ऐसे पीड़ित परिवार हैं, जिन्हें मुफ्त राशन का एक दाना तक नहीं मिला है। कई ऐसे परिवार भी हैं जिनकी फसल वाली सारी भूमि और घर तक बाढ़ की भेंट चढ़ गए थे।
अब प्रशासन और सीएपीडी विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली और लापरवाही के कारण लोगों के लिए भूखे रहने की नौबत आ रही है। कई बार स्थानीय स्तर पर जल्द राशन मुहैया करवाने की गुहार लगाने के बाद भी जब किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की तो मजबूर होकर प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ा है।
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लोगों ने जल्द राशन मुहैया करवाने की मांग करते हुए उग्र प्रदर्शन की चेतावनी भी दी। स्थानीय निवासी शौकत शाल ने बताया कि सीएपीडी विभाग के कर्मचारी सरकारी राशन की कालाबाजारी कर रहे हैं और आम जनता को राम भरोसे छोड़ दिया गया है।
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क्षेत्र में पिछले तीन माह से लोगों को कोटे अनुसार आटा, चावल और मिट्टी का तेल नहीं मिला है। इतना ही नहीं बीपीएल परिवारों को भी सरकारी राशन नहीं मिल रहा है। इस अवसर पर मनयाल गली के सरपंच हाजी बशीर ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को सरकारी राशन की भारी किल्लत से जूूझना पड़ रहा है।
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सितंबर माह में बाढ़ के बाद राज्य के पूर्व मुख्य मंत्री ने सभी पीड़ित परिवारों को छह माह का मुफ्त राशन देने की घोषणा की थी। अभी तक कई ऐसे पीड़ित परिवार हैं, जिन्हें मुफ्त राशन का एक दाना तक नहीं मिला है। कई ऐसे परिवार भी हैं जिनकी फसल वाली सारी भूमि और घर तक बाढ़ की भेंट चढ़ गए थे।
अब प्रशासन और सीएपीडी विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली और लापरवाही के कारण लोगों के लिए भूखे रहने की नौबत आ रही है। कई बार स्थानीय स्तर पर जल्द राशन मुहैया करवाने की गुहार लगाने के बाद भी जब किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की तो मजबूर होकर प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ा है।