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पुल से नहीं गुजरेंगे भारी वाहन
ब्यूरो/अमर उजाला, राजोरी
Updated Fri, 09 Jan 2015 11:43 AM IST
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बुद्धल तहसील को राजोरी शहर से जोड़ने वाले पुल पर भारी वाहनों के आने-जाने पर रोक लगाए जाने से क्षेत्र में खाने-पीने की वस्तुओं का भारी टोटा महसूस होने लगा है।
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इसे लेकर स्थानीय लोगों में काफी रोष है। क्षेत्र में अनस नदी पर बने पुल का एक हिस्सा सितंबर माह में आए बाढ़ की भेंट चढ़ गया था। बाढ़ के करीब दो हफ्तों बाद सेना ने लोहे का पुल बना कर यातायात सुचारु बनाया था।
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लोहे के पुल की क्षमता इतनी नहीं थी कि उस पर भारी वाहन चलाए जाएं। हालांकि इस दौरान भारी वाहन बेरोकटोक आते-जाते रहे। जब भारी वाहनों का आवागमन काफी बढ़ गया तो प्रशासन ने दुर्घटना की आशंका के मद्देनजर पुल से 20 टन से अधिक वजन वाले भारी वाहनों के चलने पर रोक लगा दी।
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बुद्धल यूनाइटेड फ्रंट के चेयरमैन फारूक इंकलाबी और सरपंच बदर दीन ने बताया कि पुल से सामान से लदे भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगने से क्षेत्र में खाने-पीने की वस्तुओं की भारी कमी होने लगी है। आगे बर्फबारी होने की संभावना है।
यदि अब क्षेत्र में राशन और अन्य जरूरी वस्तुओं को जमा नहीं किया गया तो लोगों के लिए भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। उन्होंने रोष जताते हुए कहा कि करीब चार माह से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुल के बह गए हिस्से को फिर से नहीं बनाया गया है।
बुद्धल में आटा, चावल, खांड़, मिट्टी का तेल और खाने-पीने का अन्य सामान अभी से खत्म होने लगा है। यदि जल्द ही पुल का पुनर्निर्माण नहीं किया गया तो लोगों को बर्फबारी के बाद कई समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
इस संबंध में क्षेत्र के एसडीएम ने कहा कि फंड की कमी से पुल का पुनर्निर्माण नहीं हो पा रहा है। वह उच्च अधिकारियों से जल्द फंड उपलब्ध करवाने के लिए बात करेंगे।