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राजोरी जिले मे 73 एम्बुलेंस में से 21 पड़ी है खराब
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राजोरी। जिले में 13460 लोगों के लिए एक एंबुलेंस है। 2021-22 में स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए मंगलवार को उपायुक्त विकास कुंडल की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में यह बात सामने आई। एंबुलेंस की स्थिति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त को बताया गया कि जिले में कुल 73 एंबुलेंस हैं, जिनमें से 52 ऑन-रोड और 21 खराब पड़ी हैं।
जिले की जनसंख्या 693,586 है, जिसके आधार पर देखा जाए तो जिले में 13460 लोगों के लिए एक एंबुलेंस है। बैठक में यह भी बताया गया कि परफॉरमेंस इंडिकेटर्स (केपीआईएस) के मामले में जिला 7वें स्थान पर है। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को जिले की रैंकिंग में और सुधार के लिए प्रयास करने को कहा।
उपायुक्त को बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान 707703 रोगियों ने ओपीडी में, 48023 को आईपीडी में उपचार प्रदान किया, जबकि 2948 बड़ी और 53917 छोटी सर्जरी की गई। आगे बताया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष में जिले में 11451 संस्थागत प्रसव और 36540 एक्स-रे दर्ज किए गए। उपायुक्त ने सीएमओ को जागरूकता शिविरों के माध्यम से संस्थागत प्रसव के लाभों के बारे में जनता को शिक्षित करने के लिए कहा।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रम का प्रचार करने और कार्यक्रम के तहत अधिकतम बच्चों को कवर करने के लिए विभिन्न स्थानों पर विशेष शिविर आयोजित करने के लिए कहा। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के कार्यान्वयन की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने मिशन के मूल उद्देश्यों को पूरा करने के लिए संदिग्ध रोगियों की शीघ्र पहचान और परीक्षण पर जोर दिया।
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जिले की जनसंख्या 693,586 है, जिसके आधार पर देखा जाए तो जिले में 13460 लोगों के लिए एक एंबुलेंस है। बैठक में यह भी बताया गया कि परफॉरमेंस इंडिकेटर्स (केपीआईएस) के मामले में जिला 7वें स्थान पर है। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को जिले की रैंकिंग में और सुधार के लिए प्रयास करने को कहा।
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उपायुक्त को बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान 707703 रोगियों ने ओपीडी में, 48023 को आईपीडी में उपचार प्रदान किया, जबकि 2948 बड़ी और 53917 छोटी सर्जरी की गई। आगे बताया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष में जिले में 11451 संस्थागत प्रसव और 36540 एक्स-रे दर्ज किए गए। उपायुक्त ने सीएमओ को जागरूकता शिविरों के माध्यम से संस्थागत प्रसव के लाभों के बारे में जनता को शिक्षित करने के लिए कहा।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रम का प्रचार करने और कार्यक्रम के तहत अधिकतम बच्चों को कवर करने के लिए विभिन्न स्थानों पर विशेष शिविर आयोजित करने के लिए कहा। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के कार्यान्वयन की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने मिशन के मूल उद्देश्यों को पूरा करने के लिए संदिग्ध रोगियों की शीघ्र पहचान और परीक्षण पर जोर दिया।