{"_id":"629fada0090a9072a33cf156","slug":"education-rajouri-news-jmu261453287","type":"story","status":"publish","title_hn":"उप कुलपति बीजीएसबीयू ने 10 प्रतिशत फीस कटौती की घोषणा की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उप कुलपति बीजीएसबीयू ने 10 प्रतिशत फीस कटौती की घोषणा की
विज्ञापन
उप कुलपति
- फोटो : RAJOURI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजोरी। छात्रों को बड़ी राहत देने वाले निर्णय में बाबा गुलाम शाह बादशाह विश्वविद्यालय (बीजीएसबीयू) ने अगले शैक्षणिक सत्र से सभी शैक्षणिक पाठ्यक्रम के लिए शिक्षण शुल्क में 10 प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय के उप कुलपति प्रोफेसर अकबर मसूद की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया।
प्रोफेसर अकबर ने कहा कि विश्वविद्यालय देश के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सार्वभौमिक पहुंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालय के इस निर्णय से बड़ी संख्या में छात्रों को शैक्षणिक सपनों को पूरा करने में लाभ होगा, जो समाज के निम्न आय वर्ग से आते हैं। उप कुलपति ने उल्लेख किया कि यह निर्णय ऐसे समय में आया है, जब विश्वविद्यालय एनईपी 2020 को लागू कर रहा है। जो युवा पुरुषों और महिलाओं को उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक अवसर प्रदान करने पर केंद्रित है। जो हमारे देश के भविष्य का निर्धारण करेंगे।
प्रोफेसर अकबर ने बताया कि शिक्षण शुल्क में 10% की कमी पिछले शैक्षणिक वर्ष से अधिकांश शैक्षणिक कार्यक्रमों में विश्वविद्यालय द्वारा पहले से लागू 50% शुल्क कटौती के अतिरिक्त है। इस निर्णय का विश्वविद्यालय, छात्रों और नागरिक समाज के सदस्यों द्वारा स्वागत किया जा रहा है। जिन्होंने इसे समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले छात्रों के लिए शिक्षा को और अधिक किफायती बनाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम करार दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रोफेसर अकबर ने कहा कि विश्वविद्यालय देश के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सार्वभौमिक पहुंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालय के इस निर्णय से बड़ी संख्या में छात्रों को शैक्षणिक सपनों को पूरा करने में लाभ होगा, जो समाज के निम्न आय वर्ग से आते हैं। उप कुलपति ने उल्लेख किया कि यह निर्णय ऐसे समय में आया है, जब विश्वविद्यालय एनईपी 2020 को लागू कर रहा है। जो युवा पुरुषों और महिलाओं को उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक अवसर प्रदान करने पर केंद्रित है। जो हमारे देश के भविष्य का निर्धारण करेंगे।
विज्ञापन
प्रोफेसर अकबर ने बताया कि शिक्षण शुल्क में 10% की कमी पिछले शैक्षणिक वर्ष से अधिकांश शैक्षणिक कार्यक्रमों में विश्वविद्यालय द्वारा पहले से लागू 50% शुल्क कटौती के अतिरिक्त है। इस निर्णय का विश्वविद्यालय, छात्रों और नागरिक समाज के सदस्यों द्वारा स्वागत किया जा रहा है। जिन्होंने इसे समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले छात्रों के लिए शिक्षा को और अधिक किफायती बनाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम करार दिया।
विज्ञापन