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डीसी ने रस्से पर कंटीली तार लगवा दी
ब्यूरो/अमर उजाला,राजोरी
Updated Thu, 16 Oct 2014 01:34 AM IST
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शहर के कल्लर क्षेत्र में फुटब्रिज के बाढ़ में बहने के बाद स्कूलों और कालेजों में पढ़ाई कर रहे छात्र अपनी जान हथेली पर रख कर लोहे के रस्से से नदी पार कर स्कूल व कालेज पहुंच रहे हैं।
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अमर उजाला में यह खबर छपने के बाद डीसी राजोरी ने बुधवार को रस्से पर कंटीली तार लगवा दिया। बावजूद इसके नदी के पार अंदरोला गांव की छात्राएं रस्से से लटक कर स्कूल जाती देखी गईं। छात्रों का कहना है कि उनके पास इसके अलावा कोई विकल्प भी नहीं है।
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चिंगस के हायर सेकेंडरी स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्रा शाहीन अख्तर ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार के प्रति कड़ा रोष प्रकट करते हुए बताया कि पिछले करीब डेढ़ माह से क्षेत्र के विद्यार्थी ऐसे ही जान हथेली पर रख कर स्कूल पहुंच रहे हैं।
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रस्से से यदि नदी पार न करें तो नदी के बीच से गुजरने पर वर्दी गीली और खराब हो जाती है। मजबूर होकर हमें रस्से से लटक कर ही नदी पार करनी पड़ रही है। शाहीन की मानें तो क्षेत्र की करीब दर्जनभर छात्राओं ने स्कूल जाना ही बंद कर दिया है। जो छात्राएं रस्से से लटक कर नदी पार नहीं कर पाती उनके पास स्कूल छोड़ने के सिवाय और कोई विकल्प ही नहीं है।
11वीं कक्षा की छात्रा मकसूद बेगम ने बताया कि उन्हें स्कूल पहुंचने के लिए करीब दो घंटे का पैदल सफर तय करना पड़ता है। यदि वह सुबह 7 बजे घर से निकले तो ही 10 बजे स्कूल पहुंच पाती है। रस्से के सहारे ही जान हथेली पर रख कर स्कूल पहुंचते हैं।
वहीं सरकारी पीजी कालेज के बीए पार्ट वन के छात्र एजाज अहमद ने बताया कि पिछले डेढ़ माह में वह केवल 15 या 20 दिन ही कालेज जा पाए हैं। डीसी द्वारा कंटीली तार लगा कर रस्से से नदी पार करने पर रोक लगाए जाने के खिलाफ कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि यदि वह दूसरे रास्ते से कालेज जाएं तो तीन घंटे में मुश्किल से वह कालेज पहुंचेंगे। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है।
दूसरे कालाकोट रूट पर वाहनों की कमी के चलते समय पर वाहन ही नहीं मिलते हैं और घटों इंतजार के बाद जब कालेज पहुंचो तो दो या तीन कक्षाएं खत्म हो चुकी होती हैं। विद्यार्थियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही समस्या के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया तो वह नेशनल हाईवे जाम कर देंगे।