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साहित्य अकादमी नई दिल्ली सम्मेलन सह संस्कृति कार्यक्रम आयोजित किया
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culture
- फोटो : RAJOURI
राजोरी। साहित्य अकादमी नई दिल्ली की तरफ से बुधवार को हिमालयन एजुकेशन मिशन स्कूल में संगोष्ठी सह संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया। इसका उद्घाटन मुख्य अतिथि उपायुक्त मोहम्मद नजीर शेख ने किया। कार्यक्रम का आयोजन दबीस्तान-ए-हिमाला के सहयोग से हुआ। कार्यक्रम कश्मीरी भाषा के विकास पर दो खंडों में आयोजित हुआ। पहले खंड में संगोष्ठि और दूसरे में संगीत कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
जम्मू और कश्मीर अकादमी ऑफ आर्ट, कल्चर एंड लैंग्वेज द्वारा उर्दू भाषा पर एक कार्यक्रम का भी आयोजन हुआ। इसमें जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों का प्रतिनिधित्व करने वाले कवियों ने कविताओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उपायुक्त ने कहा कि राजोरी में इस तरह के एक सार्थक और सांस्कृतिक सम्मेलन के आयोजन के लिए साहित्य अकादमी नई दिल्ली और दबिस-तान-ए हिमला का प्रयास सराहनीय है। साहित्य विभिन्न क्षेत्रों और विश्वास के साथ लोगों को एक साथ लाता है। उन्होंने कहा कि लेखक और कलाकार प्रेम, शांति और सद्भाव के संदेशवाहक हैं और समय की आवश्यकता हमारी स्थानीय भाषा को बढ़ावा देने और पुरानी संस्कृति को पुनर्जीवित करने की है। उन्होंने इस संबंध में आम जनता के सक्रिय सहयोग की मांग की।
कार्यक्रम के अंत में रुबीना मीर द्वारा ‘नावेद ए कलम’ शीर्षक से एक पुस्तक का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर उप निदेशक नियोजन, बिलाल मीर, जिला संस्कृति अधिकारी राजोरी आलम डार, संयोजक उत्तरी क्षेत्रीय बोर्ड साहित्य अकादमी डॉ. अजीज हाजिनी और संरक्षक हिमालय शिक्षा मिशन फारूक मुजतर, शब्बीर राथर, एहतिशाम हुसैन, अकबर अली, डॉ. शहनवाज आदि मौजूद रहे।
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जम्मू और कश्मीर अकादमी ऑफ आर्ट, कल्चर एंड लैंग्वेज द्वारा उर्दू भाषा पर एक कार्यक्रम का भी आयोजन हुआ। इसमें जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों का प्रतिनिधित्व करने वाले कवियों ने कविताओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उपायुक्त ने कहा कि राजोरी में इस तरह के एक सार्थक और सांस्कृतिक सम्मेलन के आयोजन के लिए साहित्य अकादमी नई दिल्ली और दबिस-तान-ए हिमला का प्रयास सराहनीय है। साहित्य विभिन्न क्षेत्रों और विश्वास के साथ लोगों को एक साथ लाता है। उन्होंने कहा कि लेखक और कलाकार प्रेम, शांति और सद्भाव के संदेशवाहक हैं और समय की आवश्यकता हमारी स्थानीय भाषा को बढ़ावा देने और पुरानी संस्कृति को पुनर्जीवित करने की है। उन्होंने इस संबंध में आम जनता के सक्रिय सहयोग की मांग की।
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कार्यक्रम के अंत में रुबीना मीर द्वारा ‘नावेद ए कलम’ शीर्षक से एक पुस्तक का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर उप निदेशक नियोजन, बिलाल मीर, जिला संस्कृति अधिकारी राजोरी आलम डार, संयोजक उत्तरी क्षेत्रीय बोर्ड साहित्य अकादमी डॉ. अजीज हाजिनी और संरक्षक हिमालय शिक्षा मिशन फारूक मुजतर, शब्बीर राथर, एहतिशाम हुसैन, अकबर अली, डॉ. शहनवाज आदि मौजूद रहे।
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